Raxaul News: रक्सौल. नेपाल के बारा जिले में तीन वर्षीय गरिमा चौधरी की हत्या के बाद रविवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. सरकार के साथ तीन बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद परिवार ने बच्ची के शव का अंतिम संस्कार किया. कलैया उपमहानगरपालिका-14 बघवन स्थित पसाहा नदी के किनारे बच्ची के पिता मनोज चौधरी ने धार्मिक परंपरा के अनुसार मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे.
सरकार ने मानी परिवार की तीन मांगें
पीड़ित परिवार और सरकार के बीच हुई वार्ता में तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी. गंभीर आपराधिक घटनाओं से जुड़े मौजूदा कानून और सजा के प्रावधानों की समीक्षा के लिए सात सदस्यीय ‘गरिमा न्याय संकल्प समिति’ गठित करने का निर्णय लिया गया है.
समिति को आवश्यक कानून निर्माण के संबंध में सुझाव सहित अपनी रिपोर्ट सात दिनों के भीतर पेश करनी होगी.
गरिमा की प्रतिमा बनाने की भी पहल
सहमति के तहत गरिमा की प्रतिमा निर्माण के लिए बुनियादी ढांचा विकास मंत्रालय स्थानीय तह के साथ समन्वय कर आवश्यक पहल करेगा. परिवार की सहमति के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया.
तीन दिन बाद मिला था बच्ची का शव
घर से लापता होने के तीन दिन बाद गरिमा का शव घर के पास एक खाली मकान से बरामद हुआ था. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया.
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए एक किशोर ने पूछताछ के दौरान घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
आंदोलन के बाद खुला वीरगंज-पथलैया मार्ग
गरिमा के परिवार और स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में आंदोलन करते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की थी. सरकार के साथ सहमति बनने के बाद शनिवार रात करीब एक बजे के बाद अवरुद्ध पथलैया-वीरगंज सड़कखंड को खोल दिया गया.
इससे सीमा क्षेत्र में आवागमन सामान्य होने लगा.
अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार के दौरान बारा के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुंवर, नेपाली सेना के प्रमुख सेनानी गिरिराज गौतम, सशस्त्र पुलिस अधीक्षक विशाल सिलवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
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