साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: पासपोर्ट के नाम पर ठगे गये "1.76 लाख पीड़ित को वापस

पलनवा पिपरिया निवासी असलम मियां के लिए गुरुवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया.

मोतिहारी. पलनवा पिपरिया निवासी असलम मियां के लिए गुरुवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया. चार माह पहले पासपोर्ट बनवाने के नाम पर साइबर शातिरों ने उनसे 1.76 लाख रुपये की ठगी कर ली थी, जिसे साइबर थाना पुलिस ने अपनी सक्रियता से वापस करा दिया है. बैंक खाते में पैसे वापस आने की सूचना मिलते ही असलम खुशी से झूम उठा और दौड़ता-भागता साइबर थाने पहुंच पुलिस पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया.पुलिस की कार्रवाई और रिकवरी ठगी की शिकायत मिलने के बाद साइबर डीएसपी अभिनव पराशर के नेतृत्व में टीम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई पूरी राशि रिकवर कर असलम के खाते में वापस भेज दी. थाने पहुंचे असलम ने भावुक होते ही कहा, साहब, आप लोगों ने मुझे बर्बाद होने से बचा लिया, मैंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी.

क्या था मामला

असलम को विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाना था. इसकी भनक लगते ही साइबर बदमाशों ने उससे संपर्क साधा और पासपोर्ट प्रक्रिया के नाम पर 1,76,500 रुपये की मांग की. झांसे में आकर असलम ने बताए गए यूपीआई नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर दिए. ठगी का अहसास होने पर जब उसने जांच की, तो पता चला कि आरोपी रक्सौल के छोटा परेउआ का रहने वाला असलम अंसारी है. पीड़ित जब उसके घर पहुंचा, तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी.

सावधानी ही बचाव है : साइबर डीएसपी

1930 पर करें कॉल साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि असलम की तरह ही कई अन्य पीड़ितों के पैसे भी वापस कराए गए हैं. उन्होंने अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तत्काल 1930 नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराए. समय पर सूचना मिलने से पैसे फ्रीज करने और रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है.

प्रभात अपील

किसी अनजान कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. पासपोर्ट या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें.

अपना ओटीपी , पिन या बैंक संबंधी विवरण किसी के साथ साझा न करें. कोई भी विभाग या बैंक आपसे फोन पर ये जानकारियां नहीं मांगता.

यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं. गोल्डन आवर (पहले 1-2 घंटे) में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. त्वरित सूचना मिलने पर पुलिस बैंक खाते को फ्रीज कर आपके पैसे वापस दिलाने में सक्षम होती है.

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