Motihari News: चकिया. ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को अब अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रिफिल बुकिंग के अंतराल को 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया है. यानी पिछली रिफिल की डिलीवरी होने के 25 दिन बाद उपभोक्ता अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे. नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
Chakia News: ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की पाबंदी हुई खत्म
अब तक ग्रामीण वितरकों से जुड़े घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक रिफिल की डिलीवरी और अगली बुकिंग के बीच 45 दिनों का अंतर रखा गया था. इससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो जाती थी. गैस जल्दी खत्म होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था.
25 दिन बाद कर सकेंगे अगली गैस बुकिंग
नए नियम के मुताबिक अब ग्रामीण उपभोक्ता पिछली रिफिल मिलने के 25 दिन बाद अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे. इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनमें चार-पांच या उससे अधिक सदस्य हैं और घरेलू खपत के कारण सिलेंडर अपेक्षाकृत जल्दी खत्म हो जाता है.
यह बदलाव ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता और बुकिंग व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनाएगा.
पश्चिमी एशिया के संघर्ष के दौरान बढ़ाया गया था अंतर
बताया गया कि पश्चिमी एशिया में संघर्ष के कारण एलपीजी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया था. इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में रिफिल बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया था. वहीं शहरों में बुकिंग का अंतर 25 दिन ही रखा गया था.
अब एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और बैकलॉग कम होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी 25 दिन वाला प्रावधान लागू कर दिया गया है.
गैस एजेंसियों को भेजा गया आदेश पत्र
गैस एजेंसी संचालक ओमप्रकाश सिंह और चकिया के अजय वर्मा ने बताया कि नियम में बदलाव को लेकर संबंधित कंपनियों को सरकार की ओर से आदेश पत्र भेजा गया है. इसके बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए अगली रिफिल बुकिंग की अवधि 25 दिन निर्धारित कर दी गयी है.
इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी उपभोक्ताओं को खासकर नियमित घरेलू इस्तेमाल के दौरान सिलेंडर बुक कराने में राहत मिलेगी.
उपभोक्ताओं को मिलेगी समय पर गैस बुकिंग की सुविधा
बुकिंग का अंतराल कम होने से उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने के बाद लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे घरेलू गैस की उपलब्धता बेहतर तरीके से बनी रहने और उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने की उम्मीद है. चकिया समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लागू यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है.
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