Land Reforms Employees: बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्री लंबित मांगों के समर्थन में दो दिवसीय धरना आयोजित किया. धरना के बाद कर्मचारियों ने सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है.
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से बढ़ा आक्रोश
संघ का कहना है कि 2 जून 2025 को प्रधान सचिव के साथ हुई वार्ता के बाद भी 17 सूत्री मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. कई दौर की बातचीत और विभागीय आश्वासनों के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो सका है.
इसी कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
लिखित आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
संघ के अनुसार 7 मई 2026 को विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का लिखित आश्वासन मिला था. इसके बाद कर्मचारियों ने 11 मई 2026 से अपना आंदोलन स्थगित कर कार्य पर वापसी कर ली थी.
हालांकि, दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समझौते के अनुरूप कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है.
स्थानांतरण समेत कई मामले अब भी लंबित
कर्मचारियों का कहना है कि स्थानांतरण सहित कई प्रशासनिक मामलों का निपटारा अब तक नहीं किया गया है. इससे विभागीय कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है.
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
धरना कार्यक्रम में बच्चा बिहारी, शक्तिनाथ तिवारी, नीतीश कुमार, सोनू कुमार गहलौत, यशवंत कुमार, नीतू कुमारी, सनी कुमार और अंशु कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे.
संघ ने सरकार से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
