Raxaul News: सीमावर्ती नेपाल के मकवानपुर जिला अंतर्गत भीमफेदी गांवपालिका वार्ड नंबर 6 स्थित जुरीखेत में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया. काठमांडू से वीरगंज की ओर आ रही एक सरकारी स्कार्पियो अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 से 60 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में उच्च अदालत जनकपुर, अस्थायी बेंच वीरगंज के रजिस्ट्रार तारादत्त बडु की 49 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी बडु की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
50-60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी अनियंत्रित स्कार्पियो
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे काठमांडू से वीरगंज लौट रही सरकारी स्कार्पियो (नंबर प्रदेश 3–01–002 झ 5183) जुरीखेत के समीप अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई.
गाड़ी तीव्र गति में अनियंत्रित होकर सीधे 50 से 60 मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया.
मुख्य न्यायाधीश समेत छह लोग हुए थे घायल
इस भीषण दुर्घटना में उच्च अदालत वीरगंज के मुख्य न्यायाधीश गोकर्ण डांगी, वाहन चालक चुनीलाल चौधरी, रजिस्ट्रार तारादत्त बडु, उनकी पत्नी लक्ष्मी बडु, पुत्र रितेन्द्र बडु और बहन रिता बडु गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार के बाद चार लोगों की बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए नेपाली सेना के विशेष हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर काठमांडू भेजा गया.
उपचार के दौरान रजिस्ट्रार की पत्नी ने तोड़ा दम
काठमांडू स्थित नेपाली सेना के आर्मी अस्पताल में सुबह 10:04 बजे भर्ती कराई गईं लक्ष्मी बडु की हालत अत्यंत चिंताजनक थी.
चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गंभीर चोटों के कारण सुबह 10:29 बजे उनकी मौत हो गई. पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया.
आर्मी और हेटौंडा अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
हादसे में घायल मुख्य न्यायाधीश गोकर्ण डांगी, रितेन्द्र बडु और रिता बडु का उपचार काठमांडू के मिलिट्री अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है.
वहीं, वाहन चालक चुनिलाल चौधरी और मृतका के पति सह रजिस्ट्रार तारादत्त बडु का इलाज मकवानपुर के हेटौंडा अस्पताल में जारी है. घटना की सूचना मिलते ही न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है.
