Raxaul News: रक्सौल. रक्सौल एयरपोर्ट को विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ी है. रनवे, एप्रन, टैक्सीवे, आइसोलेशन बे, रनवे विस्तार के लिए नदी पर पुल और अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तृत डिजाइन से जुड़ी इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी के टेंडर में पांच कंपनियां वित्तीय बोली के लिए योग्य पायी गयी हैं. इनमें ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड ने 2 करोड़ 7 लाख रुपये की सबसे कम बोली लगाकर एल-1 स्थान हासिल किया है.
Raxaul News: 10 कंपनियों ने लिया था टेंडर में हिस्सा
रक्सौल एयरपोर्ट के एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कंसल्टेंसी कार्य के लिए जारी निविदा में कुल 10 कंपनियों ने भाग लिया था. तकनीकी मूल्यांकन के बाद पांच कंपनियों को वित्तीय बोली के लिए योग्य घोषित किया गया.
वहीं पांच कंपनियों की बोली तकनीकी स्तर पर अस्वीकृत कर दी गयी. अस्वीकृत कंपनियों के लिए पोर्टल पर एनआईटी के निर्धारित मानदंड पूरे नहीं करने का कारण दर्ज किया गया है.
ध्रुव कंसल्टेंसी की 2.07 करोड़ की सबसे कम बोली
वित्तीय बोली में ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड ने 2 करोड़ 7 लाख रुपये की बोली लगायी है. इसके बाद चैतन्य प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी लिमिटेड ने 2 करोड़ 43 लाख रुपये की बोली लगायी.
राइट्स लिमिटेड की बोली 5 करोड़ 50 लाख रुपये, हिंदुस्तान कंसल्टिंग एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड की 5 करोड़ 73 लाख 33 हजार रुपये और निप्पॉन कोएई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की बोली 6 करोड़ 97 लाख 39 हजार रुपये है.
रनवे से नदी पर पुल तक तैयार होगा पूरा डिजाइन
चयनित कंसल्टेंट को रक्सौल एयरपोर्ट के विकास से जुड़े आवश्यक अध्ययन, सर्वेक्षण और जांच के बाद प्री-अवार्ड रिपोर्ट, डीपीआर, विस्तृत डिजाइन और ड्राइंग तैयार करनी होगी.
इसमें रनवे, एप्रन, टैक्सीवे, आइसोलेशन बे और रनवे विस्तार के लिए नदी पर प्रस्तावित पुल समेत अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर का डिजाइन शामिल रहेगा.
निर्माण के दौरान भी कंसल्टेंट देगा तकनीकी सलाह
कंसल्टेंसी के तहत टेक्निकल सैंक्शन के लिए विस्तृत अनुमान, दर विश्लेषण और गुड्स फॉर कंस्ट्रक्शन ड्राइंग तैयार करने का काम भी शामिल है.
निर्माण के दौरान जरूरत पड़ने पर डिजाइन और ड्राइंग में संशोधन, साइट विजिट और निर्माण कार्य को पूरा कराने तक तकनीकी परामर्श देने की जिम्मेदारी भी चयनित कंसल्टेंट की होगी.
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार होगा डिजाइन
रक्सौल एयरपोर्ट की सुविधाओं का डिजाइन आईसीएओ, डीजीसीए और एएआई समेत लागू तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया जाना है. एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन, नेविगेशन एवं सर्विलांस तथा मौसम संबंधी आवश्यकताओं को भी डिजाइन में ध्यान में रखा जाएगा.
पांच कंपनियों की वित्तीय बोली
- एल-1: ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड — 2 करोड़ 7 लाख रुपये
- एल-2: चैतन्य प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी लिमिटेड — 2 करोड़ 43 लाख रुपये
- एल-3: राइट्स लिमिटेड — 5 करोड़ 50 लाख रुपये
- एल-4: हिंदुस्तान कंसल्टिंग एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड — 5 करोड़ 73 लाख 33 हजार रुपये
- एल-5: निप्पॉन कोएई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड — 6 करोड़ 97 लाख 39 हजार रुपये
फाइनेंशियल बीड के बाद टेंडर अवार्ड की प्रक्रिया
तकनीकी मूल्यांकन के बाद पांच कंपनियों के वित्तीय बोली में पहुंचने से अब टेंडर प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा. ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड के एल-1 रहने से उसकी बोली सबसे कम है. हालांकि अंतिम टेंडर अवार्ड संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.
रक्सौल एयरपोर्ट के रनवे और अन्य एयरसाइड सुविधाओं के विकास से जुड़ी यह प्रक्रिया सीमावर्ती क्षेत्र में हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
रक्सौल एयरपोर्ट की दिशा में अब तक क्या हुआ
- 10 जनवरी 2025: राज्य कैबिनेट ने 139 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी.
- 6 मई 2026: कंसल्टेंसी चयन के लिए टेंडर जारी हुआ.
- 1 जून 2026: तकनीकी मूल्यांकन का लिफाफा खोला गया.
- 19 अगस्त 2026: तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद पांच कंपनियां फाइनेंशियल बीड में पहुंचीं.
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