रक्सौल : लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने स्थानीय प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बाल विकास परियोजना (सीडीपीओ) कार्यालय की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है. वर्षों पुराना यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है. हालत यह है कि बारिश शुरू होते ही कार्यालय की छत कई जगहों से टपकने लगती है, जिससे कार्यालय परिसर में पानी भर जाता है और सरकारी कामकाज प्रभावित होने लगता है. बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकने के कारण कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण पंजी, अभिलेख और अन्य आवश्यक सामग्री भीगकर खराब होने लगी हैं. यह कार्यालय आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और संचिकाओं का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में अभिलेखों के नष्ट होने की आशंका से विभागीय कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है. कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के अनुसार भवन की छत काफी कमजोर हो चुकी है. उन्हें हर समय इस बात का डर सताता रहता है कि लगातार हो रही बारिश के बीच कहीं छत का कोई हिस्सा भरभराकर गिर न पड़े. उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. विडंबना यह है कि जिस कार्यालय से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन होता है, वही कार्यालय आज खुद बदहाली का शिकार बना हुआ है. कर्मियों के साथ-साथ यहां प्रतिदिन आने वाले आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए या वैकल्पिक भवन की व्यवस्था की जाए, ताकि सरकारी कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके. इस संबंध में पूछे जाने पर कार्यालय के प्रधान सहायक गंगा शरण मेहता ने बताया कि कई बार इसकी लिखित सूचना विभाग को दी गई है, लेकिन कोई निर्देश नहीं आया है.
बारिश ने खोली बाल विकास परियोजना कार्यालय की बदहाली, टपकती छत के साए में काम करने को मजबूर कर्मी
जाले. देउरा

कार्यालय की छत से टपकते पानी के कारण हुआ नुकसान. | Prabhat Khabar Network