सत्याग्रह एक्सप्रेस को कैंसिल किये जाने के फैसले का लोगों में विरोध

रेलवे के द्वारा गलत निर्णय करने के कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

रक्सौल.पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर और गोरखपुर कैंट स्टेशन के बीच तीसरी लाइन को चालू करने के साथ-साथ गोरखपुर-कौसमी के बीच लाइन को कनेक्शन करने के लिए रेलवे के द्वारा 12 अप्रैल 2025 से लेकर 26 अप्रैल 2025 तक प्री-एनआई वर्क होना है और इसी प्रकार 27 अप्रैल 2025 से 03 मई 2025 तक एनआई वर्क होना है. रेलवे की आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए यह कार्य जरूरी है, लेकिन इसमें रेलवे के द्वारा जो निर्णय किया गया है. उससे भारत और नेपाल दोनों देश के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं. रेलवे के द्वारा गलत निर्णय करने के कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. रेलवे के इस निर्णय के प्रति लोगों में गंभीर आक्रोश है. वीरगंज नेपाल के निवासी प्रणय कुमार साह का कहना है कि रक्सौल से आनंद बिहार टर्मिनल के बीच चलने वाली 15273 नंबर की सत्याग्रह एक्सप्रेस एकमात्र ऐसी ट्रेन, जिससे रक्सौल, आदापुर, छौड़ादानो, घोड़ासहन, रामगढ़वा, सुगौली के साथ-साथ बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक जिनको एकमात्र सत्याग्रह एक्सप्रेस का सहारा है, वह रद्द होने से लोगों की पहले से की गयी प्लॉनिंग फेल हो रही है. नेपाल से अधिकांश लोग इलाज के लिए दिल्ली जाते है, ऐसे में ट्रेन रद्द होने की खबर आने के बाद उनके सामने परेशानी खड़ी हो गयी है कि आखिर कब वे इलाज के लिए कैसे जायेगें. रक्सौल के बहुअरवा निवासी जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सत्याग्रह एक्सप्रेस रक्सौल की लाइफ लाइन मानी जाती है, रेलवे को ट्रेन ड्राइवर्ट करने या इसके समय में इस अवधि के दौरान बदलाव करने की जरूरत है ना कि इस ट्रेन को लगभग 22 ट्रिप के लिए कैंसिल करने की. शिक्षक डॉ. शशि रंजन सिंह ने कहा कि रेलवे को अपने फैसले पर पुर्नविचार करने की जरूरत है. नहीं तो कम से कम प्री-एनआई के समय ट्रेन का परिचालन रद्द नहीं करने की जरूरत है ताकि लोगों को सुविधा मिल सके. 22 ट्रिप के लिए रद्द हुई है ट्रेन

वर्तमान अधिसूचना के अनुसार सत्याग्रह एक्सप्रेस का परिचालन रक्सौल से आनंद विहार टर्मिनल के बीच 12 अप्रैल से लेकर 03 मई तक रद्द रहेगा. इसी प्रकार 15274 आनंद विहार टर्मिनल से रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस का परिचालन 13 अप्रैल से लेकर 04 मई तक रद्द रहेगा. इससे रेलवे को नुकसान होने के साथ-साथ भारत व नेपाल के नागरिकों को काफी परेशानी होगी.

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Published by: Satendra prasad sat

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