PM Kisan Samriddhi Kendra: पूर्वी चंपारण के किसानों के लिए सहकारिता विभाग ने नई पहल शुरू की है. बिहार सरकार की योजना के तहत जिले की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है.
योजना लागू होने के बाद किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व, कृषि उपकरणों की जानकारी और अन्य कृषि सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों या दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
गांव स्तर पर मिलेंगी कृषि से जुड़ी सभी सुविधाएं
जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रिंस अनुपम ने बताया कि सरकार पैक्स को बहुउद्देशीय कृषि सेवा केंद्र के रूप में विकसित कर रही है. यहां किसानों को समय पर उर्वरक, प्रमाणित बीज और अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि इस पहल से गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री गांव स्तर पर ही उपलब्ध होगी और किसानों की खेती आसान बनेगी.
चरणबद्ध तरीके से जुड़ेंगे सभी पात्र पैक्स
जिला सहकारिता विभाग के अनुसार पूर्वी चंपारण के सभी पात्र पैक्स को चरणबद्ध तरीके से इस योजना से जोड़ा जाएगा. इसके लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि पैक्स आधुनिक कृषि सेवा केंद्र के रूप में कार्य कर सकें.
किसानों और सहकारी संस्थाओं दोनों को होगा लाभ
विभाग का मानना है कि इस योजना से सहकारी संस्थाओं की भूमिका मजबूत होगी. एक ही परिसर में कृषि इनपुट और सेवाएं उपलब्ध होने से किसानों की लागत कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
अधिकारियों ने बताया कि सरकार चाहती है कि पैक्स केवल धान या गेहूं खरीद केंद्र तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों की हर कृषि जरूरत के लिए भरोसेमंद सेवा केंद्र के रूप में विकसित हों.
योजना के क्रियान्वयन की तैयारी शुरू
जिला सहकारिता विभाग ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार आवश्यक संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ जिले के पैक्स को क्रमवार प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र में बदला जाएगा.
