चीन सीमा बंद होने से रक्सौल-वीरगंज बॉर्डर पर बढ़ा आयात, त्योहारों में सामान महंगे होने की आशंका

चीन के साथ उत्तरी बॉर्डर बंद होने के बाद वीरगंज नाके से नेपाल में आयात बढ़ा है। त्योहारों के सामान की बढ़ती ढुलाई लागत से कीमतों में उछाल की आशंका है।

Nepal China Border Closed: भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण नेपाल-चीन सीमा से जुड़े रसुवागढ़ी और तातोपानी नाके पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं. इसका सीधा असर भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल-वीरगंज नाके पर देखने को मिल रहा है. उत्तरी नाके बंद होने के बाद नेपाली आयातकों ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में वीरगंज बॉर्डर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू कर दिया है.

Raxaul Birgunj Customs: दशहरा और छठ को लेकर चीनी सामानों की आवक तेज

दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक होने के कारण चीनी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है. चीन से आयात होने वाले रेडीमेड कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक व सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट अब कोलकाता बंदरगाह होते हुए वीरगंज नाके से नेपाल पहुंच रहे हैं. इसके अलावा वीरगंज भंसार कार्यालय के तहत सिरिसिया स्थित ड्राई पोर्ट पर रेल मार्ग से भी चीनी सामानों के कंटेनर लगातार आ रहे हैं.

वीरगंज कस्टम पर 70% बढ़ा दबाव, राजस्व संग्रह में भारी उछाल

उत्तरी नाके ठप होने से वीरगंज सीमा शुल्क कार्यालय पर आयात का दैनिक दबाव करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गया है. चालू व्यावसायिक भादो महीने में सीमा शुल्क राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चालू वित्त वर्ष के लिए तय 23 अरब 52 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 93.37 फीसदी हिस्सा 10 सितंबर तक ही हासिल कर लिया गया है. नियमित रूप से ईंधन, वाहन, खाद्य तेल और निर्माण सामग्री का आयात भी जारी है.

क्षतिग्रस्त राजमार्गों के कारण माल ढुलाई बनी बड़ी चुनौती

बढ़ते आयात के बीच माल को काठमांडू और अन्य पहाड़ी शहरों तक सुरक्षित पहुंचाना बड़ी समस्या बन गया है. बाढ़ और भूस्खलन के चलते मुख्य राजमार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं. इस वजह से ट्रांसपोर्टरों को लंबे और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. काठमांडू सामान भेजने के लिए बड़े कंटेनरों से माल अनलोड कर छोटे ट्रकों में लोड करना पड़ रहा है.

बढ़ी ढुलाई लागत से खुदरा बाजारों में महंगाई की मार

सामान की बार-बार शिफ्टिंग और लंबे वैकल्पिक रास्तों के चलते ढुलाई भाड़ा काफी महंगा हो गया है. कारोबारियों और बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ढुलाई खर्च दोगुना होने का सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ेगा. आगामी त्योहारी सीजन में आम नेपाली उपभोक्ताओं को चीनी सामानों के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है.

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लेखक के बारे में

By मनोज कुमार गुप्ता

मनोज कुमार गुप्ता बीते 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट, रेडियो और डिजिटल माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. वर्तमान में भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों, सीमा सुरक्षा और नेपाल की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं. सामाजिक सरोकारों में गहरी रुचि के साथ वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके समाधान के प्रयासों के लिए जाने जाते हैं.

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