Motihari Power Cut: मानसून के आगमन से पहले बिजली नेटवर्क को दुरुस्त करने के लंबे-चौड़े प्रशासनिक दावों की पोल सोमवार, 08 जून 2026 की शाम को खुल गई. जिले में शाम के समय आई महज 15 मिनट की तेज आंधी और बारिश के बाद पूरी बिजली व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह चरमरा गई. शाम करीब 5:00 बजे से 5:15 बजे तक हुए आंधी-पानी के बाद शहर के अधिकांश मोहल्लों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई. इस अप्रत्याशित ‘ब्लैकआउट’ के कारण लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
हल्की आंधी-पानी में भी व्यवस्था ध्वस्त, घरेलू कामकाज प्रभावित
स्थानीय उपभोक्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने बिजली विभाग के ढुलमुल रवैए पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है. लोगों का कहना है कि मोतिहारी में अब यह आम बात हो चुकी है कि हल्की आंधी या नाममात्र की बारिश होते ही घंटों के लिए बिजली काट दी जाती है. शहरी इलाकों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की इस आंख-मिचौली ने आम जनजीवन को पटरी से उतार दिया है, जिससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
एक नजर में: मोतिहारी बिजली संकट की वर्तमान स्थिति
| बिजली संकट के मुख्य कारण | उपभोक्ताओं पर सीधा असर (Impact) | मुख्य मांगें (Demands) |
|---|---|---|
| तेज आंधी और बारिश | शाम 5 बजे के बाद से शहर और गांव में पूर्ण ब्लैकआउट. | जर्जर तारों और पुराने उपकरणों को तुरंत बदला जाए. |
| लो-वोल्टेज की समस्या | घरेलू उपकरण शो-पीस बने, उमस में लोग परेशान. | नियमित और समयबद्ध मेंटेनेंस सुनिश्चित हो. |
| शॉर्ट फॉल्ट व ट्रिपिंग | बार-बार बिजली कटने से जलापूर्ति और पढ़ाई ठप. | बारिश के मौसम को देखते हुए स्थायी समाधान निकले. |
लो-वोल्टेज और शॉर्ट फॉल्ट का पुराना मर्ज, मेंटेनेंस की कमी
उपभोक्ताओं के अनुसार, जिले के कई फीडरों और रिहायशी इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से बनी हुई है. इसके ऊपर से हल्की हवा चलते ही शॉर्ट फॉल्ट के कारण बार-बार बिजली ट्रिप करने लगती है.
लोगों का सीधा आरोप है कि विभाग द्वारा कागजों पर तो मेंटेनेंस और पेड़ की टहनियों की छंटाई का दावा किया जाता है, लेकिन नियमित और वास्तविक रखरखाव के अभाव में बारिश का मौसम शुरू होते ही यह पूरा ढांचा बेहद कमजोर साबित हो जाता है. पहली तेज बारिश ने ही विभाग की मुस्तैदी की पूरी हकीकत सामने लाकर रख दी है.
बार-बार की कटौती से हर वर्ग परेशान, पानी की सप्लाई भी ठप
सोमवार शाम को हुए इस ब्लैकआउट का असर चौतरफा देखने को मिल रहा है:
- विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित: शाम के समय बिजली गुल होने से परीक्षाओं और कॉपियों की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई पर ब्रेक लग गया है.
- पानी का संकट: बिजली न होने के कारण घरों और सोसायटियों में पानी की मोटर नहीं चल सकीं, जिससे शाम को पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित रही.
- व्यापारिक नुकसान: बाजारों और दुकानों में जेनरेटर या इनवर्टर बैकअप खत्म होने के बाद अंधेरा छा गया, जिससे दुकानदारों का कामकाज ठप हो गया.
उपभोक्ताओं की चेतावनी: स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले जर्जर तारों, पुराने इंसुलेटरों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जाए. उपभोक्ताओं ने साफ तौर पर कहा है कि यदि बारिश के इस मौसम को देखते हुए कोई स्थायी तकनीकी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है.
मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
