मोतिहारी, तुरकौलिया से आफताब आलम की रिपोर्ट
Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया प्रखंड क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की लगातार खराब स्थिति ने आम उपभोक्ताओं से लेकर सरकारी और निजी अधिकारियों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश उपभोक्ता मुख्य नेटवर्क पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली कटौती के दौरान मोबाइल टावरों की बैकअप व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ने से आवाज (वॉइस कॉल) और डेटा सेवा दोनों बंद हो जाती हैं.
लाइट कटते ही ठप हो जाती है , मोबाइल नेटवर्क
स्थानीय दुकानदार प्रदीप कुमार, राज गुप्ता, असगर अली, सुनील सिंह और प्रकाश कुमार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटते ही मोबाइल पर कॉल लगाना या इंटरनेट चलाना नामुमकिन हो जाता है. आपातकालीन स्थिति में किसी को फोन नहीं लगता, बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं कर पाते और व्यावसायिक काम पूरी तरह प्रभावित हो जाते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि 5जी नेटवर्क के नाम पर कंपनियां हर महीने मोटा रिचार्ज वसूल रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि लाइट कटने के बाद 2जी नेटवर्क भी गायब हो जाता है. टावरों में न तो बैटरी बैकअप है और न ही जेनरेटर की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
थानाध्यक्ष और बीडीओ बोले- सरकारी काम और पुलिसिंग में हो रही भारी दिक्कत
इस नेटवर्क संकट से आम जनता के साथ-साथ सरकारी कार्यालय भी बुरी तरह प्रभावित हैं. थाना, प्रखंड, अंचल, मनरेगा, ई-किसान भवन और बीआरसी के कर्मी रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं.तुरकौलियाथानाध्यक्ष संपत कुमार ने बताया कि नेटवर्क की खराबी के कारण पुलिस कार्य में काफी परेशानी हो रही है और समय पर जरूरी सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं. थाने पर आने वाले लोग भी शिकायत कर रहे हैं कि मारपीट या अन्य घटनाओं की त्वरित सूचना देने के लिए फोन करने पर पुलिस पदाधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाता है. वहीं बीडीओ संतोष राज ने कहा कि जरूरी सरकारी कार्यों के लिए प्रखंड कर्मियों को फोन नहीं लग रहा है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं.
पावर बैकअप और लोकल टेक्नीशियन की तैनाती की मांग
स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने मोबाइल कंपनी से मांग की है कि वे अपने टावरों के लिए विश्वसनीय बैकअप पावर समाधान (यूपीएस या जेनरेटर) सुनिश्चित करें और नेटवर्क फॉल्ट के त्वरित निवारण के लिए एक लोकल टेक्नीशियन की तैनाती करें. इसके साथ ही बिजली विभाग से भी मांग की गई है कि अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए ताकि संचार व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर सके.
