मोतिहारी फर्जी दाखिल-खारिज; 3 कर्मियों के डोंगल से हुआ म्यूटेशन, 11 दिन बाद भी विभागीय कार्रवाई का इंतजार

Motihari News: मोतिहारी सदर अंचल में डीसीएलआर के फर्जी आदेश पर कीमती जमीन के दाखिल-खारिज मामले में 11 दिन बाद भी विभागीय कार्रवाई ठप है. कर्मियों के डोंगल के इस्तेमाल के बावजूद एक्शन न होने से लोगों में आक्रोश है.

Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के सदर अंचल में फर्जी दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का मामला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. सदर भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के कथित फर्जी आदेश के आधार पर एक कीमती भूमि का म्यूटेशन किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस खुलासे के 11 दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित अंचल कर्मियों पर अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जानकारों का कहना है कि पुलिस द्वारा प्राइवेट लोगों को गिरफ्तार कर मामले को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उन मुख्य कड़ियों (अंचल कर्मियों) पर विभाग अब तक मेहरबान है जिनके आधिकारिक डिजिटल डोंगल का उपयोग कर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया.


29 मई को उजागर हुआ था पूरा मामला

यह पूरा मामला बीती 29 मई 2026 को तब प्रकाश में आया जब डीसीएलआर सदर प्रीति कुमारी के समक्ष फर्जी आदेश की भनक लगी. उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आंतरिक जांच बैठाई. जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया (Prima Facie) धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप सही पाया गया, जिसके बाद डीसीएलआर के कड़े निर्देश पर संबंधित हल्का कर्मचारी ने मोतिहारी के छतौनी थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई.


एक नजर में: फर्जी दाखिल-खारिज केस का स्टेटस

मामले की संवेदनशीलता और अब तक हुई दंडात्मक कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:

मुख्य बिंदु / पैरामीटरवर्तमान स्थिति एवं मामला विवरण
मामला दर्ज होने की तिथि29 मई 2026
फर्जीवाड़ा से संबंधित वाद संख्यादाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 788/2023-24 एवं 789/2023-24
पुलिस कार्रवाई (गिरफ्तारी)एक साइबर कैफे संचालक और उसका भतीजा गिरफ्तार
फरार आरोपी पर कार्रवाईगिरफ्तारी के लिए ₹10,000 का इनाम घोषित
अंचल कर्मियों की संलिप्तता03 अंचल कर्मियों के डिजिटल डोंगल का हुआ है अवैध इस्तेमाल
विभागीय कार्रवाई का स्टेटस11 दिन बाद भी किसी कर्मी पर कोई निलंबन या विभागीय एक्शन नहीं.

साइबर कैफे संचालक गिरफ्तार, मुख्य मास्टरमाइंड पर इनाम

छतौनी थाना पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए त्वरित कार्रवाई के तहत एक स्थानीय साइबर कैफे संचालक और उसके सगे भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हालांकि, इस जालसाजी का मुख्य मास्टरमाइंड और एक अन्य नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने उस पर 10,000 रुपये का नगद इनाम घोषित किया है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.


तीन कर्मियों के डोंगल का इस्तेमाल, फिर भी कार्रवाई सिफ़र

बाजार और प्रशासनिक गलियारों में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय यह है कि दाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 788/2023-24 एवं 789/2023-24 के फर्जी दस्तावेजों को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने में अंचल के तीन कर्मियों के डोंगल का इस्तेमाल हुआ था. बिना कर्मियों की मिलीभगत या उनकी पासवर्ड सुरक्षा में घोर लापरवाही के बिना ऐसा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है. इसके बावजूद, उन चिन्हित अंचल कर्मियों के खिलाफ अब तक कोई भी दंडात्मक या विभागीय कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है, जिसे लेकर आम जनता में काफी आक्रोश है.


क्या कहती हैं जिम्मेदार अधिकारी?

इस पूरे गंभीर प्रकरण पर जब मोतिहारी सदर के अनुमंडल डीसीएलआर से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच की प्रक्रिया गतिमान है.

डीसीएलआर का आधिकारिक बयान: “सदर अंचल के इस म्यूटेशन मामले में उच्च स्तरीय जांच चल रही है. जांच के दौरान जो भी सरकारी कर्मी या बाहरी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.” — प्रीति कुमारी, डीसीएलआर, सदर अनुमंडल (मोतिहारी)


अब सबकी नजरें जांच की दिशा पर टिकीं

वर्तमान में इस हाई-प्रोफाइल फर्जी म्यूटेशन मामले में पुलिसिया और आपराधिक कार्रवाई तो आगे बढ़ रही है, लेकिन मोतिहारी के प्रबुद्ध नागरिकों और भू-स्वामियों की नजरें मुख्य रूप से विभागीय जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं. देखना दिलचस्प होगा कि क्या विभाग अपने दागी कर्मियों पर चाबुक चलाता है या फिर यह जांच भी ठंडे बस्ते के हवाले कर दी जाएगी.

मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट

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लेखक के बारे में

Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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