मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Motihari News: सदर अंचल में भूमि म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है. छतौनी थाना पुलिस ने डीसीएलआर (सदर) के फर्जी आदेश, हस्ताक्षर और मुहर का उपयोग कर दाखिल-खारिज कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भवानीपुर जिरात निवासी दिनेश्वर प्रसाद वर्मा और अनिकेत कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें शहर के साईं कम्युनिकेशन साइबर कैफे से दबोचा गया है.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ फर्जी सील-मोहर बरामद
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, सदर अंचल के एक राजस्व कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि डीसीएलआर के फर्जी आदेश के जरिए पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड कर गलत व्यक्ति के नाम म्यूटेशन किया गया है. शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने साइबर कैफे में छापेमारी की. मौके से दो लैपटॉप, चार प्रिंटर, बायोमेट्रिक मशीन, मोबाइल, क्यूआर स्कैनर और दिनेश्वर प्रसाद वर्मा के नाम की सील-मोहर बरामद की गई है.
अंचल कर्मियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस चर्चित फर्जीवाड़े में साइबर कैफे संचालकों की गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बिना राजस्व कर्मियों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के फर्जी आदेश के आधार पर म्यूटेशन संभव ही नहीं था. सूत्रों के अनुसार, संबंधित हल्का के कुछ कर्मी भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर मोटी रकम के लेन-देन का आरोप है. स्थानीय लोगों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.
