Motihari News: एनएच 28 ए (NH 28A) पिपराकोठी-रक्सौल-बेतिया मुख्य मार्ग पर स्थित सिंघिया गुमटी रेलवे ओवर ब्रिज इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है. ओवर ब्रिज पर लगी तमाम स्ट्रीट लाइटें पिछले छह महीने से अधिक समय से पूरी तरह खराब पड़ी हैं. इसके चलते रात होते ही यहाँ अंधेरा छा जाता है. रोशनी के अभाव में यह ओवर ब्रिज अब सड़क दुर्घटनाओं और संभावित आपराधिक वारदातों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, जिससे राहगीर खौफ के साये में सफर करने को मजबूर हैं.
कुछ समय बाद ही गुल हो गई लाइट
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 15 दिसंबर 2023 को इस ओवर ब्रिज को आम जनता के आवागमन के लिए चालू किया गया था. लेकिन इसके उद्घाटन के कुछ समय बाद ही देखरेख के अभाव में स्ट्रीट लाइटें एक-एक कर जवाब दे गईं. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि रात के समय पूरी तरह ब्लैकआउट रहने के कारण बाइक सवार और पैदल यात्री आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी ओवर ब्रिज की पैदल सीढ़ियों का इस्तेमाल करने वालों को हो रही है, जहाँ अंधेरे में संतुलन बिगड़ने से कई राहगीर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं.
पुलिस गश्त भी नाकाफी
पुल पर पसरे सन्नाटे और घने अंधेरे का फायदा उठाकर पूर्व में भी यहाँ लूटपाट जैसी आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं. यही वजह है कि आम लोगों, विशेषकर अकेले सफर करने वाले बाइक सवारों में इस रास्ते को लेकर इतना भय व्याप्त है कि वे शाम ढलते ही इस मार्ग से गुजरने से कतराते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हालांकि आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए बंजरिया थाना पुलिस अंधेरे में अक्सर गश्त करती नजर आती है, लेकिन बिना लाइट के सुरक्षा व्यवस्था अधूरी साबित हो रही है. लोगों का मानना है कि केवल पुलिस गश्त से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित एनएचएआई (NHAI) विभाग से पुरजोर मांग की है कि सिंघिया रेलवे ओवर ब्रिज की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की तुरंत मरम्मत कराई जाए.
मोतिहारी बंजरिया से राज निखिल का रिपोर्ट
