Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के गन्ना किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी औद्योगिक सौगात दी है. बिहार कैबिनेट ने कोटवा प्रखंड स्थित कंजहिया टोला में मेसर्स राजश्री शुगर्स (कोयंबटूर, तमिलनाडु) की ₹242.50 करोड़ और पकड़ीदयाल प्रखंड के चोरमा में ₹180 करोड़ की लागत से बनने वाली चीनी मिल परियोजनाओं को विधिवत मंजूरी दे दी है. इन दोनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से जिले में औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
कोटवा में 242.50 करोड़ से लगेगी चीनी मिल, 28 MW का बनेगा को-जनरेशन प्लांट
कोटवा के कंजहिया टोला में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कंपनी मेसर्स राजश्री शुगर्स द्वारा ₹242.50 करोड़ का भारी निवेश किया जा रहा है.
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 5000 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रतिदिन) पेराई क्षमता की आधुनिक चीनी मिल, 28 मेगावाट का को-जनरेशन पावर प्लांट और 60 केएलपीडी (किलो लीटर प्रतिदिन) क्षमता की डिस्टिलरी स्थापित की जाएगी. इससे इलाके में बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा संबल मिलेगा.
चोरमा में श्री गणेश शुगर मिल्स लगाएगी ₹180 करोड़ का प्लांट
मधुबन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पकड़ीदयाल के चोरमा में मेसर्स श्री गणेश शुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (कोलकाता) द्वारा ₹180 करोड़ की परियोजना स्थापित की जाएगी.
इस यूनिट के तहत भी 5000 टीसीडी क्षमता की चीनी मिल और 50 केएलपीडी क्षमता की आधुनिक डिस्टिलरी स्थापित करने की योजना है. कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र के गन्ना किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.
विधायक राणा रणधीर बोले- किसानों और युवाओं से सीधे जुड़ा है यह उद्योग
परियोजना को स्वीकृति मिलने पर मधुबन विधायक राणा रणधीर ने खुशी जाहिर करते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग लगवाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे. चीनी मिल लगने से न केवल किसानों को गन्ने का उचित और समय पर भुगतान मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह जिले में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे.
एक दर्जन प्रखंडों सहित नेपाल सीमा तक के किसानों को होगा सीधा लाभ
इन दोनों चीनी मिलों की स्थापना से पूर्वी चंपारण के विस्तृत भू-भाग के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी.
कोटवा प्लांट से संग्रामपुर, मोतिहारी सदर, पीपरा, पीपराकोठी, केसरिया और कल्याणपुर प्रखंडों के किसानों को सुविधा होगी. वहीं, चोरमा प्लांट से मधुबन, चिरैया, ढाका, मधुबनी घाट, ढेकहां, शिवहर और सीमावर्ती नेपाल के तराई क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों को फसल बेचने के लिए नया बाजार मिलेगा.
चकिया में भी चीनी मिल स्थापना की कवायद तेज
जिले के चकिया में भी पुरानी चीनी मिल के जीर्णोद्धार और नई इकाई की स्थापना का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है. इसके लिए प्रशासनिक व तकनीकी टीम 70 एकड़ भूमि तथा पुरानी चकिया चीनी मिल का स्थलीय मुआयना कर चुकी है. यदि पूर्वी चंपारण में तीनों चीनी मिलें पूरी क्षमता से शुरू होती हैं, तो चंपारण एक बार फिर से चीनी उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा.
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