Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. अरेराज डीसीएलआर इति चतुर्वेदी की जांच में खुलासा हुआ है कि बीएलओ की आईडी का उपयोग कर साइबर कैफे संचालक ऑनलाइन आवेदन कर रहा था और इसके बदले अवैध वसूली की जा रही थी.
डीसीएलआर की जांच में हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की जांच के दौरान डीसीएलआर इति चतुर्वेदी को अनियमितता की जानकारी मिली. इसके बाद हरसिद्धि बीडीओ गुलशन कुमार को जांच का निर्देश दिया गया.
जांच में सामने आया कि बूथ संख्या 96 के बीएलओ मस्जिद बैठा की आईडी का उपयोग साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार द्वारा किया जा रहा था. इसी आईडी से मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे थे.
प्रति आवेदन 200 रुपये की होती थी वसूली
जांच रिपोर्ट के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रत्येक आवेदन पर 200 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी. आरोप है कि वसूली गई राशि में 100 रुपये बीएलओ और 100 रुपये साइबर कैफे संचालक के बीच बांटे जाते थे.
बीएलओ और साइबर कैफे संचालक पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले के खुलासे के बाद हरसिद्धि बीडीओ गुलशन कुमार के आवेदन पर बूथ संख्या 96 के बीएलओ मस्जिद बैठा और साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
कार्रवाई से मचा हड़कंप
अरेराज डीसीएलआर की इस कार्रवाई के बाद निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों और साइबर कैफे संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है. प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
