मोतिहारी के मंगल सेमिनरी और जिला स्कूल में मॉडल साइंस लैब शुरू, प्रयोग से सीखेंगे छात्र

बिहार में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा मिली है. मोतिहारी के मंगल सेमिनरी और जिला स्कूल में आधुनिक फिजिक्स और केमिस्ट्री लैब का शुभारंभ हुआ है. IIT पटना से प्रशिक्षित शिक्षक अब छात्रों को प्रयोगों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाएंगे.

Motihari News: मोतिहारी. बिहार में विज्ञान शिक्षा को आधुनिक और प्रयोगात्मक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद एवं आईआईटी पटना के समन्वय से राज्य में स्थापित 50 मॉडल फिजिक्स एवं केमिस्ट्री लैब का शुभारंभ किया. इसी क्रम में मोतिहारी के मंगल सेमिनरी 2 इंटर कॉलेज और सरस्वती विद्या निकेतन 2 जिला स्कूल में भी आधुनिक मॉडल फिजिक्स एवं केमिस्ट्री लैब शुरू की गई है. इन प्रयोगशालाओं से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग के माध्यम से विज्ञान समझने का अवसर मिलेगा.

मंगल सेमिनरी और जिला स्कूल में शुरू हुई मॉडल लैब

मंगल सेमिनरी 2 इंटर कॉलेज तथा सरस्वती विद्या निकेतन 2 जिला स्कूल में आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से लैस मॉडल फिजिक्स एवं केमिस्ट्री लैब की शुरुआत की गई है. इन लैब का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों के कठिन सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से समझने में मदद करना है.

मॉडल लैब के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित होने की उम्मीद है. इससे विज्ञान विषयों के प्रति विद्यार्थियों की रुचि भी बढ़ेगी.

IIT पटना से प्रशिक्षित शिक्षक करेंगे लैब का संचालन

मंगल सेमिनरी के प्राचार्य हिमांशु शेखर ने बताया कि विद्यालय में आईआईटी पटना से प्रशिक्षण प्राप्त फिजिक्स शिक्षक अमित रंजन और केमिस्ट्री शिक्षक ज्ञानेंद्र मणि त्रिपाठी मॉडल प्रयोगशाला का संचालन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को भौतिकी और रसायन विज्ञान की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. प्रयोग के दौरान विद्यार्थी विषयों को अधिक आसानी से समझ सकेंगे.

प्रयोग आधारित शिक्षा से वैज्ञानिक सोच होगी मजबूत

फिजिक्स शिक्षक अमित रंजन ने कहा कि प्रयोगशाला आधारित शिक्षा केवल प्रयोग करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है.

उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी भौतिकी और रसायन विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को स्वयं प्रयोग करके समझते हैं, तो विषय के प्रति उनकी रुचि और समझ दोनों बेहतर होती हैं.

जिला स्कूल में भी विशेषज्ञ शिक्षक संभाल रहे जिम्मेदारी

सरस्वती विद्या निकेतन 2 जिला स्कूल में मॉडल फिजिक्स एवं केमिस्ट्री लैब के संचालन की जिम्मेदारी डॉ. विनय पांडेय फिजिक्स तथा जितेंद्र कुमार चौधरी केमिस्ट्री को दी गई है.

शिक्षकों के अनुसार मॉडल लैब में विद्यार्थियों को प्रयोग के माध्यम से विषय समझने के साथ बोर्ड परीक्षाओं और जेईई, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ मिलेगा.

विज्ञान शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

आधुनिक प्रयोगशालाओं के शुरू होने से मोतिहारी के विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षा की सुविधा मिलने लगेगी. इससे छात्रों में विषय की बुनियादी समझ मजबूत होने के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलेगी. यह भी पढ़ें: मोतिहारी सदर प्रखंड छह माह से प्रभार में, स्थायी बीडीओ की पदस्थापना का इंतजार


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लेखक के बारे में

By अमृतेश कुमार

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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