10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम

जिले को फाइलेरिया (हाथी-पांव) मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीतियां साझा की हैं.

मोतिहारी. जिले को फाइलेरिया (हाथी-पांव) मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीतियां साझा की हैं. गुरुवार को डीडीसी डाॅ प्रदीप कुमार के अध्यक्षता में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बीपीएम (जीविका), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की बैठक हुई. उप विकास आयुक्त ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. . इस उन्मुखीकरण में पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक मुकेश कुमार द्वारा तकनीकी सहायता प्रदान किया गया. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर शरत चंद्र शर्मा ने दवा के सेवन के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल साझा किया.

घर-घर जाकर दवा पिलायेगी आशा

इस अभियान के तहत 10 से 24 फरवरी के बीच आशा दीदी घर घर जा कर दावा खिलेंगी 25 से 27 फरवरी को स्कूल मे बूथ लगा कर स्कूल के बच्चों को दावा खिलाया जाएगा .11 फरवरी को ””””””””महा-अभियान के लिए बिहार सरकार ने एक करोड़ लोगों को दावा खिलाने का लक्ष्य है, जिसके लिए जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर शिविर लगाकर जीविका दीदी एवं उनके परिवार के लोगों को दवा खिलाया जाएगा. जिले में कुल 62,99,129 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है, जिसके लिए 3,166 टीमें और 316 पर्यवेक्षक मुस्तैद रहेंगे.सभी पात्र व्यक्तियों को एलबेंडाजोल की एक गोली चबाकर खानी है, जबकि डीईसी की गोलियां निगलना है जिसे उम्र के अनुसार दी जाएंगी:

उम्र के अनुसार दी जायेगी गोली

2 से 5 वर्ष – 1 गोली एलबेंडाजोल, 1 गोली डीइसी

6 से 14 वर्ष- 1 गोली एलबेंडाजोल, 2 गोली डीइसी

15 वर्ष से अधिक- 1 गोली एलबेंडाजोल 3 गोली डीइसी जरूरी है.

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By SATENDRA PRASAD SAT

SATENDRA PRASAD SAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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