Motihari News: जिले में महिला पर्यवेक्षिका की बहाली प्रक्रिया वर्ष 2020 से ही लंबित है. कोरोना काल में शुरू हुई चयन प्रक्रिया को छह साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है. करीब 17 हजार आवेदन अब भी विभाग के पास लंबित हैं. इस दौरान आईसीडीएस विभाग में कई जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बदल गए, लेकिन चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.
17 हजार आवेदन के बाद भी नहीं पूरी हुई बहाली
जानकारी के अनुसार महिला पर्यवेक्षिका के पदों पर नियुक्ति के लिए करीब 17 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. आवेदन की जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र और शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठे. जांच में कुछ प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, लेकिन इसके बाद भी चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका.
42 पदों पर अलग चयन प्रक्रिया भी अधूरी
बाद के वर्षों में सेविकाओं से महिला पर्यवेक्षिका के 42 पदों पर चयन की अलग प्रक्रिया भी शुरू की गई. वर्ष 2025 में इन पदों के लिए 573 सेविकाओं के आवेदन की स्क्रूटनी की गई थी. औपबंधिक मेधा सूची और काउंसलिंग की तैयारी भी हुई, लेकिन मामला फिर अधर में लटक गया.
फर्जी प्रमाणपत्र जांच के बाद भी फैसला नहीं
विभागीय जांच में कुछ अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाणपत्र सामने आने के बाद भी न तो पूरी चयन प्रक्रिया रद्द की गई और न ही योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई. इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. उनका कहना है कि फर्जी अभ्यर्थियों को हटाकर शेष पात्र उम्मीदवारों का चयन किया जाना चाहिए.
अभ्यर्थियों ने जल्द बहाली पूरी करने की मांग की
अभ्यर्थियों का कहना है कि छह वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग स्पष्ट निर्णय नहीं ले पाया है. कई उम्मीदवार अब उम्र सीमा और अन्य कारणों से अवसर खोने की स्थिति में पहुंच गए हैं. उन्होंने महिला पर्यवेक्षिका बहाली प्रक्रिया जल्द पूरी कर रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की मांग की है.
यह भी पढ़ें: राशन कार्ड से वंचित परिवारों के लिए राहत, जल्द शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन; जानें किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
