Bihar Artist Registration: पूर्वी चंपारण के लोक कलाकारों के लिए अच्छी खबर है. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की पहल पर जिले के 95 लोक कलाकारों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है. अब ये कलाकार सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न राजकीय और राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे.
डिजिटल पोर्टल से मिलेगा सीधा अवसर
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी फहद सिद्दीकी ने बताया कि कलाकारों का पंजीकरण बिहार कलाकार पंजीकरण पोर्टल पर किया जा रहा है. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद कलाकारों को विभाग की ओर से विशिष्ट पहचान पत्र (आईडी कार्ड) भी उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कलाकारों को अब सरकारी कार्यक्रमों में चयन के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
लोक गायन से चित्रकला तक के कलाकार शामिल
डिजिटल डेटाबेस में जिले के लोक गायन, लोक नृत्य, नाटक, वादन और चित्रकला से जुड़े कलाकारों को शामिल किया गया है.
सरकारी आयोजनों में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का मानदेय सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
सरकारी महोत्सवों में मिलेगी प्राथमिकता
विभाग के अनुसार, भविष्य में जिले और राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले सरकारी महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थापना दिवस समारोह के लिए कलाकारों का चयन इसी डिजिटल पोर्टल से किया जाएगा.
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा.
वरिष्ठ कलाकारों को मिल रही पेंशन
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी फहद सिद्दीकी ने बताया कि डिजिटल पंजीकरण का लाभ कलाकारों को अन्य योजनाओं में भी मिल रहा है.
उन्होंने जानकारी दी कि जिले के 50 वर्ष से अधिक आयु वाले 13 कलाकारों को वर्तमान में प्रतिमाह 3,000 रुपये पेंशन दी जा रही है. विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक कलाकारों को सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक मंचों से जोड़ना है.
