Motihari News: सरकार की सख्ती के बाद जमीन के दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में कई अंचलों में तेजी आई है, लेकिन जिले के कई अंचल अब भी निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में दाखिल-खारिज के लिए कुल 30,352 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 7,555 आवेदन अभी भी विभिन्न अंचलों में लंबित हैं. जिले में अब तक 75.11 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ है.
7,555 आवेदन अब भी लंबित
विभागीय जानकारी के अनुसार दाखिल-खारिज के कुल आवेदनों में बड़ी संख्या अभी लंबित है. वहीं लंबित आवेदनों में करीब 900 आवेदन अस्वीकृत किए जा चुके हैं. आवेदन से जुड़ी समस्याओं और कागजात की प्रक्रिया को लेकर कई आवेदकों को अंचल कार्यालय से लेकर संबंधित कार्यालयों तक चक्कर लगाना पड़ रहा है.
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मोतिहारी अंचल की प्रगति सबसे कम
जिले में दाखिल-खारिज के मामलों के निष्पादन में मोतिहारी अंचल की स्थिति सबसे कमजोर बताई गई है. यहां अब तक 49.92 प्रतिशत मामलों का ही निष्पादन हुआ है. इसके अलावा आदापुर में 58.95 प्रतिशत और बंजरिया में 53.47 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ है. विभाग ने इन अंचलों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया है.
केसरिया अंचल 95.52 प्रतिशत के साथ अव्वल
दाखिल-खारिज के मामलों के निष्पादन में केसरिया अंचल जिले में सबसे आगे है. यहां 95.52 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार अन्य अंचलों को भी इसी तरह लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर जोर देना होगा.
21 दिनों के अंदर करना है दाखिल-खारिज
नियम के अनुसार जमीन निबंधन के बाद दाखिल-खारिज के लिए प्राप्त आवेदन का 21 दिनों के अंदर निष्पादन किया जाना है. इसके बावजूद कई मामलों के लंबित रहने से किसानों और जमीन मालिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है.
ग्रामीण आवेदकों का कहना है कि कई जगह ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया में समस्या बताकर उन्हें परेशान किया जाता है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन में कोई त्रुटि है तो आवेदक को इसकी जानकारी देकर आवश्यक कागजात तत्काल मांगे जाएं और प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए.
लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिल-खारिज के आवेदनों का निष्पादन करने का निर्देश दिया है. किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है.
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सभी अंचलाधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को दाखिल-खारिज के लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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