Motihari: नेपाल–भारत खुली सीमा के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी की मांग

नेपाल–भारत खुली सीमा के बढ़ते दुरुपयोग, घुसपैठ, मानव तस्करी और संगठित अपराध को रोकने के लिए पर्सा जिले के जेन-जी युवाओं ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है.

रक्सौल . नेपाल–भारत खुली सीमा के बढ़ते दुरुपयोग, घुसपैठ, मानव तस्करी और संगठित अपराध को रोकने के लिए पर्सा जिले के जेन-जी युवाओं ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है. युवाओं ने रविवार को जिला प्रशासन कार्यालय में प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) भोला दाहाल को ज्ञापन सौंपते हुए सीमा क्षेत्रों में त्वरित सुधार के लिए कदम उठाने पर जोर दिया. ज्ञापन में कहा गया है कि खुली सीमा अपराधियों के लिए सेफ पैसेज बनती जा रही है, और इस पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण न किया गया तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. युवाओं द्वारा सीडीओ को सौंपे गए ज्ञापन में निम्न प्रमुख सुझाव रखे गए हैं, जिसमें सभी नाका/सीमा बिंदुओं पर पहचान पत्र की अनिवार्य जांच, सीमा पर प्रमाणीकरण कक्ष की व्यवस्था, सीसीटीवी, ड्रोन और डिजिटल निगरानी का विस्तार, नेपाल–भारत की संयुक्त पेट्रोलिंग, तस्करी और अपराध रोकथाम के लिए शून्य सहनशीलता नीति, मानव तस्करी विरोधी विशेष अभियान चलाना और चुनाव नज़दीक, जोखिम और बढ़ने की आशंका आदि शामिल है. ज्ञापन में युवाओं ने चेताया कि आगामी चुनाव नजदीक आते ही अवैध गतिविधियों, घुसपैठ और संगठित अपराध में वृद्धि की संभावना और अधिक होती है. इसीलिए समय रहते कठोर कदम उठाना आवश्यक है. सीडीओ भोला दाहाल ने युवाओं की चिंताओं को वाजिब और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी सुझाव संबंधित निकाय तक पहुंचाए जाएंगे और संवेदनशील मुद्दों पर लगातार काम हो रहा है. इसके अलावा ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है.

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Published by: Ranjeet thakur

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