Bihar News: पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा में मछली विक्रेताओं से पुलिस द्वारा अवैध वसूली और मारपीट के आरोप सामने आए हैं. इस मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
वीआईपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने आरोप लगाया है कि रामगढ़वा के मछली बाजार में पुलिसकर्मी बिना पैसे दिए मछली ले जा रहे हैं. जब इसका विरोध किया गया तो विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई.
विरोध करने पर मारपीट और सड़क जाम का दावा
देव ज्योति के अनुसार, 9 फरवरी को मछली विक्रेताओं ने इस कथित वसूली का सामूहिक विरोध किया था. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर अन्य कर्मियों को बुलाकर लाठी-डंडों से पिटाई की, जिससे स्थिति बिगड़ गई और लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया.
20 से अधिक लोग जेल भेजे जाने का आरोप
वीआईपी नेता ने दावा किया कि इस घटना के बाद अब तक 20 से अधिक मछली विक्रेताओं को अलग-अलग आरोपों में जेल भेज दिया गया है. उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए नाराजगी जताई है.
मुख्यमंत्री को पत्र, ग्रामीणों की न्याय की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध है. विकासशील इंसान पार्टी ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. पार्टी ने कहा कि निर्दोष लोगों को जेल से रिहा किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो.
वीआईपी ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा.
