Bihar: मोतिहारी में बदमाशों ने किया पुलिस वाहन पर हमला, घायल दारोगा बोले- गोली मार देंगे

Bihar: बिहार के पूर्वी चंपारण में बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों ने पुलिस वाहन को घेर हमला कर दिया. जब दारोगा धर्मेंद्र कुमार भीड़ में घिर गए तो अपनी सुरक्षा में उन्होंने हवाई फायरिंग की.

Bihar: बिहार के मोतिहारी जिले में शनिवार को असामाजिक तत्वों ने एक पुलिस वाहन पर हमला कर दिया. पुलिस को आत्मरक्षार्थ में हवा में गोलियां चलानी पड़ीं. यह घटना मोतिहारी के डुमरिया घाट थाना क्षेत्र के रामपुरवा गांव में घटी. जानकारी के मुताबिक रामपुरवा गांव में एक टाटा मैजिक वाहन की टक्कर से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये, जिससे नाराज ग्रामीणों ने मैजिक चालक को बंधक बना लिया.

दारोगा छूट गए

पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल पर जब उत्तेजित भीड़ को समझाने के प्रयास किया ताकि मैजिक चालक को लोगों के कब्जे से छुड़ाया जा सके तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उल्टा पुलिस गाड़ी पर हमला कर दिया. पुलिस वाहन का ड्राइवर गाड़ी लेकर वहां से फरार हो गया, लेकिन दारोगा घटनास्थल पर ही छूट गए. पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने दारोगा पर हमला करने का प्रयास किया जिस कारण आत्मरक्षा के लिए उन्हें हवाई फायरिंग करनी पड़ी. भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस ने चालक को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ा लिया है.

पुलिस ने बयान में क्या बताया

पुलिस ने अपने बयान में कहा, “डुमरियाघाट थाना अंतर्गत रामपुरवा गांव में मैजिक वाहन से गांव के कुछ लोगों को धक्का लग गया था, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे. गांव वालों के द्वारा मैजिक वाहन और चालक को अपने कब्जे में ले लिया गया था. तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर चालक को मुक्त कराकर थाना पर लाने के क्रम में गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस को घेरने और उलझने का प्रयास किया. इस बीच, पुलिस ने आत्मरक्षार्थ भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की. एसडीपीओ, सीआई, और थाना प्रभारी घटनास्थल पर मौजूद हैं. असामाजिक तत्वों के ऊपर एफआईआर दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया है. वर्तमान में स्थिति सामान्य है.”

इसे भी पढ़ें: Bihar में अगले साल तक हो जाएगा पांच महिला ITI का निर्माण, इन खास सुविधाओं से होगा लैस

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >