Bihar News: मोतिहारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कल्याणपुर में मंगलवार को निगरानी विभाग, पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई की. हेड क्लर्क रवि चतुर्वेदी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई के तुरंत बाद टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई. इस घटना से पूरे स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हड़कंप मच गया.
अचानक छापेमारी से मचा हड़कंप
जैसे ही निगरानी टीम ने कार्रवाई की, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कर्मचारियों के बीच खलबली मच गई. कई लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही टीम आरोपी को अपने कब्जे में लेकर बाहर निकल गई.
20 लाख के PF भुगतान के लिए मांगा गया कमीशन
जानकारी के अनुसार, चतुर्थ वर्गीय कर्मी भरत ठाकुर हाल ही में रिटायर हुए थे. उन्हें अपने भविष्य निधि (PF) के करीब 20 लाख रुपये निकालने थे. आरोप है कि प्रधान लिपिक रवि चतुर्वेदी इस भुगतान के बदले 2 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे. बार-बार की इस मांग से भरत ठाकुर काफी परेशान हो गए थे.
शिकायत के बाद एक्टिव हुआ निगरानी विभाग
आखिरकार भरत ठाकुर ने करीब एक महीने पहले निगरानी विभाग, पटना में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत की पुष्टि के बाद विभाग ने योजना बनाकर जाल बिछाया. आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरी तैयारी की गई.
पैसे लेते ही टीम ने किया गिरफ्तार
मंगलवार को तय योजना के अनुसार भरत ठाकुर ने प्रधान लिपिक को 10 हजार रुपये दिए. जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, पहले से मौके पर मौजूद निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया. पूरी कार्रवाई बेहद तेजी से की गई.
DSP के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन
इस छापेमारी अभियान का नेतृत्व निगरानी डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे. उनके साथ टीम के छह अन्य सदस्य भी मौजूद थे. सभी ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
अधिकारी का बयान- आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
डीएसपी ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद 20 लाख रुपये के भुगतान के लिए 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी जा रही थी. शिकायत की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई. उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
कर्मचारियों में दहशत, लोगों में चर्चा
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है. वहीं इलाके में भी इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है. लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देख रहे हैं.
