Bettiah Raj Land: 7,194 एकड़ में 716.91 एकड़ जमीन गायब! बेतिया राज की जमीन खोजने में जुटा प्रशासन

पूर्वी चंपारण में बेतिया राज की लगभग 716.91 एकड़ जमीन का अभी तक पता नहीं चल सका है. प्रशासन इस ट्रेसलेस भूमि की खोज में जुटा है, जिसमें मोतिहारी सदर में सबसे अधिक 217.59 एकड़ भूमि शामिल है. दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.

Bettiah Raj Land: पूर्वी चंपारण जिले में बेतिया राज की कुल करीब 7,194 एकड़ जमीन में 716.91 एकड़ भूमि का अब तक पता नहीं चल सका है. ट्रेसलेस जमीन की खोज के लिए बेतिया राज के राजस्व अधिकारी एवं कर्मियों के साथ अंचल स्तर के अधिकारी भी जुटे हुए हैं. सबसे अधिक 217.59 एकड़ ट्रेसलेस भूमि मोतिहारी सदर में है, जबकि तुरकौलिया और केसरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.

सदर में सबसे ज्यादा 217.59 एकड़ जमीन ट्रेसलेस

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मोतिहारी सदर अंचल में बेतिया राज की करीब 1,106 एकड़ जमीन दर्ज है. इसमें 217.59 एकड़ भूमि ट्रेसलेस बताई गई है. वहीं तुरकौलिया में कुल 777 एकड़ में से 83.81 एकड़ और केसरिया में 82.9 एकड़ जमीन का पता नहीं चल पाया है.

बेतिया राज की मूल जमीन की पहचान और रिकॉर्ड के मिलान के लिए राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी अंचल स्तर पर जांच कर रहे हैं.

रामगढ़वा में 1,051 एकड़ बेतिया राज की जमीन

जिले के रामगढ़वा अंचल में भी बेतिया राज की बड़ी मात्रा में जमीन दर्ज है. आंकड़ों के अनुसार यहां करीब 1,051 एकड़ जमीन बेतिया राज की है. विभाग अलग-अलग अंचलों में उपलब्ध रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान कर जमीन की पहचान करने में जुटा है.

दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू

बेतिया राज की जमीन पर किसी व्यक्ति या संस्था के दावे को लेकर दावा-आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 20 से कम आपत्ति पत्र प्राप्त हुए हैं.

दावा-आपत्ति के लिए निर्धारित 60 दिनों की अवधि में करीब 20 से 25 दिन बीत चुके हैं. विभाग ने संबंधित लोगों से समय सीमा के भीतर अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है.

30 साल पुराने कब्जे पर देना होगा वैध दस्तावेज

विभाग के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 1 जनवरी 1996 से बेतिया राज की जमीन पर कब्जे का दावा करता है, तो उसे दावा-आपत्ति के साथ वैध दस्तावेज और किराया भुगतान की रसीद प्रस्तुत करनी होगी. निर्धारित प्रमाण उपलब्ध नहीं कराने पर दावा अमान्य किया जा सकता है.

दावा-आपत्ति करने वालों के मामलों का विभागीय स्तर पर परीक्षण और निस्तारण किया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति अपना दावा साबित नहीं कर पाता है तो मामले की सुनवाई जिलाधिकारी स्तर पर की जाएगी.

बिना आपत्ति वाली जमीन के निस्तारण की तैयारी

विभागीय जानकारी के अनुसार जिन जमीनों पर कोई वैध दावा-आपत्ति प्राप्त नहीं होगी, उनका सरकारी नियमों के अनुसार निस्तारण किया जाएगा. वहीं विरासत से संबंधित बेतिया राज की संपत्तियों को सरकार के कब्जे में लेने की प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी.

सदर में 80 से 90 किरायेदारों की भी जांच

बेतिया राज के राजस्व अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि 716.91 एकड़ ट्रेसलेस भूमि में से करीब 200 एकड़ जमीन विभागीय स्तर पर खोज ली गई है. शेष भूमि की खोज जिला से लेकर अंचल स्तर तक जारी है.

उन्होंने बताया कि मोतिहारी सदर क्षेत्र में बेतिया राज के करीब 80 से 90 किरायेदार भी हैं, जिनके रिकॉर्ड और स्थिति की जांच की जा रही है.

दावा-आपत्ति की गति धीमी : अपर समाहर्ता

अपर समाहर्ता सह सदस्य सचिव सह जिला निबंधक मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि बेतिया राज की जमीन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर मूल्यांकन किया जा रहा है. वर्तमान में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया की गति धीमी है. उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर कोई आपत्ति नहीं होगी, उनका सरकारी नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा.

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By Sn Satyarthi

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