Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वितरित की जा रही पोशाक की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि लड़कों को निर्धारित संख्या से कम पोशाक मिली, जबकि लड़कियों को पूरी संख्या में ड्रेस उपलब्ध कराई गई. इसके अलावा कई बच्चों को उनकी उम्र और कद के अनुरूप साइज नहीं मिलने से ओवरसाइज पोशाक मिलने की बात भी सामने आई है.
गुणवत्ता और साइज को लेकर बढ़ीं शिकायतें
जानकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों के लिए विभाग की ओर से पोशाक उपलब्ध कराई जाती है. इसके लिए जीविका समूहों को कपड़ा उपलब्ध कराया जाता है और उनसे पोशाक की सिलाई कराई जाती है. सिलाई कार्य के बदले विभाग की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान भी किया जाता है.
इसके बावजूद पोशाक की गुणवत्ता, सही साइज और निर्धारित संख्या में वितरण को लेकर शिकायतें सामने आने से पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
छोटे बच्चों को मिली बड़ी पोशाक
अभिभावकों का कहना है कि कई छोटे बच्चों को उनकी लंबाई और उम्र के अनुसार पोशाक नहीं मिली. कई बच्चों की ड्रेस इतनी बड़ी है कि उसे पहनने में परेशानी हो रही है. इससे यह सवाल उठ रहा है कि सिलाई के दौरान बच्चों के माप का ध्यान क्यों नहीं रखा गया.
लड़कों को कम, लड़कियों को पूरी ड्रेस मिलने का दावा
अभिभावकों के मुताबिक, इस बार लड़कों को निर्धारित संख्या से कम पोशाक दी गई है, जबकि लड़कियों को पूरी संख्या में ड्रेस मिली है. ऐसे में वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
लोगों का कहना है कि जब विभाग की ओर से सिलाई और वितरण के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है, तो बच्चों को सही साइज और पूरी संख्या में गुणवत्तापूर्ण पोशाक क्यों नहीं मिल रही है.
विभाग ने सुधार के दिए निर्देश
मामले पर प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ निधि कुमारी ने कहा कि पोशाक की गुणवत्ता में कमी की शिकायत परियोजना स्तर से प्राप्त हुई थी. इसके बाद संबंधित पक्ष को सुधार करते हुए गुणवत्तापूर्ण पोशाक वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
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