मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Motihari News: जिले के पिपराकोठी प्रखंड अंतर्गत दक्षिणी ढेकहां पंचायत के चक्रधे गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-53 की बदहाली ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है. बच्चों की शिक्षा और पोषण के लिए बनाया गया केंद्र आज भूसा रखने के स्थान में तब्दील हो गया है.
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में 5 लाख 75 हजार 500 रुपये की लागत से इस आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था. भवन निर्माण के बाद सेविका और सहायिका की नियुक्ति भी हुई, लेकिन केंद्र कभी नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका. नतीजतन पोषक क्षेत्र के बच्चे प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गए.
निगरानी के अभाव में बढ़ा दुरुपयोग
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों तक केंद्र बंद रहने के कारण भवन की स्थिति लगातार खराब होती गई. विभागीय निगरानी के अभाव में भवन और परिसर का उपयोग मवेशियों के चारे के लिए भूसा रखने में किया जाने लगा. इससे सरकारी राशि से निर्मित भवन अपने मूल उद्देश्य से पूरी तरह भटक गया है.
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत
ग्रामीण राजभलभ प्रसाद, मनोज राम और राहुल कुमार सहित कई लोगों ने बताया कि केंद्र को नियमित रूप से चालू कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई.
क्या कहती हैं अधिकारी
प्रभारी आईसीडीएस डीपीओ पूर्वी चंपारण निधि कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी भवन में भूसा रखने का मामला गंभीर है. इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों से भी ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जहां भवन उपलब्ध होने के बावजूद केंद्र अन्य स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं. ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही है.
