Madhubani News : दिन में निकले भाष्कर, पछिया हवा ने बढ़ायी कनकनी

बीते तीन चार दिनों से पछिया हवा के कारण ठंड काफी बढ़ गयी है.

मधुबनी.

बीते तीन चार दिनों से पछिया हवा के कारण ठंड काफी बढ़ गयी है्र हालांकि तीन दिनों बाद रविवार को 12 बजे दिन में सूर्य दिखाई देने के बाद भी ठंड में कोई कमी नहीं आई. रविवार अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा. जबकि न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. 4.5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा के कारण रविवार वार को हाड़ कपा देने वाली ठंड रहा. मौसम विभाग पूसा समस्तीपुर के अनुसार आगामी दो दिनों तक मौसम का यही हाल रहेगा. इसके बाद मौसम में बदलाव होने की संभावना है. वहीं, कुहासा के कारण आनंद विहार जयनगर गरीब रथ एक्सप्रेस तय समय दोपहर 12 :30 बजे से 12 घंटे विलंब होकर पहुंचने की संभावना है. जबकि नयी दिल्ली जयनगर स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट एक्सप्रेस तय समय शाम 6 : 30 बजे से 6 घंटा बिलंब होकर रविवार रात 12 :30 बजे पहुंची. ट्रेन के बिलंब परिचालन और ठंड के कारण यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पर रहा है. सदर अस्पताल के ओपीडी स्थित अल्ट्रासाउंड के कर्मियों ने कहा कि इतनी ठंड के बाद भी चिकित्सकों, कर्मियों तथा मरीजों के परिजनों के लिए ठंड से राहत के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है. अल्ट्रासाउंड कक्ष में हीटर एवं ब्लोअर लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखा गया है. इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गयी.

अलाव का इंतजाम केवल कागजों तक सीमित :

काफी जद्दोजहद के बाद नगर निगम द्वारा निगम सहित विस्तारित क्षेत्रों के 23 जगहों पर अलाव की घोषणा की गई. लेकिन यह कागजी लफ्फाजी से ज्यादा कुछ नहीं है. कहीं भी अलाव का मुक्कमल इंतजाम नहीं है. इसका सबसे अधिक प्रभाव दैनिक कामगारों पर दिखाई दे रहा है. हालांकि कुछ सामाजिक लोगों द्वारा अलावा की व्यवस्था किया गया है. इससे लोगों को ठंड से निजात मिल रहा है.

बच्चों व बुजुर्गों को हमेशा गर्म कपड़े पहना कर रखें:

सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने कहा कि बढ़ती ठंड के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों के पूरे शरीर को हमेशा गर्म कपड़े से ढक कर रखना चाहिए. इसके साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर की जांच कराते रहनी चाहिए. पीने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए. ठंड का प्रकोप बढ़ने से बुजुर्गों को सतर्कता बरतनी चाहिए. इससे बचाव के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ डा. विवेकानंद पाल ने कहा कि ठंड के कारण दोनों आयु वर्ग के व्यक्तियों पर अधिक खतरा बना रहता है. उन्होंने कहा कि नवजात शिशु की बात करें तो समय से पूर्व जन्म में बच्चों को हाइपोथर्मिया होता है ऐसे बच्चों को जन्म के साथ ही उनके शरीर के लिए गर्मी अति आवश्यक है. इसके लिए नवजात शिशु को हमेशा गर्म कपड़े में लपेटकर रखने की सलाह दी जाती है. दमा व बीपी के मरीज रखें अपना विशेष ख्याल : सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने कहा कि ठंड में दमा व ब्लड प्रेशर के मरीज अत्यधिक प्रभावित होते हैं. इसका मुख्य कारण सांस लेने वाले ग्रंथियां में सांस का अवरुद्ध होना है. इसके अधिकतर शिकार धूम्रपान का अधिक से��न करने वाले मरीज होते हैं. ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर के मरीज का ब्लड प्रेशर अधिक हो जाता है. इस बीमारी से ग्रसित मरीजों को दवा का नियमित सेवन करना चाहिए. ऐसे लोगों को सुबह की सैर देर से करना चाहिए. अधिक ठंड में उन्हें सैर नहीं करना चाहिए. कोल्ड एक्स्पोजर से भी ऐसे मरीज को बचना चाहिए. कोल्ड एक्स्पोजर के कारण ब्लड प्रेशर के मरीज पैरालिसिस के शिकार हो सकते हैं. सर्दी के मौसम में सबसे अधिक बचाव कोल्ड एक्स्पोज़र से करना है. इसके साथ ही खान-पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. ठंड के मौसम में बीपी एवं शुगर के मरीजों को बराबर बीपी एवं शुगर की दवा लेते रहना चाहिए.

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Published by: Gajendra kumar

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