मिथिलांचल के किसानों की चमकेगी किस्मत, दरभंगा-मधुबनी के 2401 गांव चीनी मिलों के लिए आरक्षित

Sakri Raiyam Sugar Mill: सकरी और रैयाम चीनी मिलों को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. गन्ना की कमी न हो इसके लिए दरभंगा और मधुबनी के 2401 गांव आरक्षित किए गए हैं. सहकारिता मॉडल से संचालन की तैयारी चल रही है.

Sakri Raiyam Sugar Mill: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वर्षों से बंद पड़ी सकरी और रैयाम चीनी मिलों को फिर चालू कराने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है. इन दोनों चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने शुक्रवार को दरभंगा और मधुबनी जिले के करीब 2401 गांवों को आरक्षित कर दिये हैं, ताकि दोनों चीनी मिलें संबंधित गांवों के किसानों से गन्ना की खरीद कर सकें.

गठित की गई कमेटी

इसी के तहत राज्य सरकार बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर खोलने और नई चीनी मिलों की स्थापना करने की तैयारी में जुटी है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है.

बताया जाता है कि मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रैयाम चीनी मिल का संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा. इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने इन दोनों चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना की आपूर्ति करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने दरभंगा और मधुबनी जिले के कुल 2401 गांवों को आरक्षित कर दिया है.

इसमें सकरी चीनी मिल को मधुबनी जिले के 686 गांव और दरभंगा जिले के 697 गांवों के किसान अपनी गन्ना की आपूर्ति करेंगे. इसी प्रकार रैयाम चीनी मिल को मधुबनी जिले के 438 गांव और दरभंगा जिले के 580 गांवों के किसान गन्ना बेचेंगे.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

दोनों चीनी मिलों के लिए प्रखंडवार गांवों को किया गया आरक्षित

गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंध्राथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहां, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को शामिल किया गया है.

दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वर स्थान, कुशेश्वर स्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को शामिल किया गया है.

इसी प्रकार रैयाम चीनी मिल में दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को शामिल किया गया है. मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका और माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांवों को शामिल किया गया है.

इसे भी पढ़ें: पवन सिंह, चिराग या कुशवाहा? NDA में किसकी बनेगी बात, फंसा सियासी गणित

सम्राट चौधरी का ऐलान, गृह विभाग में 60 हजार पदों पर होगी बंपर बहाली, देखें पूरी डिटेल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >