Madhubani News : वीबी – जी राम – जी अधिनियम पारदर्शी व टिकाऊ ग्रामीण रोजगार : नीतीश मिश्रा
Employment : स्थानीय विधायक सह विधानसभा प्राक्कलन समिति के सभापति नीतीश मिश्रा ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता की.
Madhubani News : लखनौर / झंझारपुर. स्थानीय विधायक सह विधानसभा प्राक्कलन समिति के सभापति नीतीश मिश्रा ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मनरेगा व प्रस्तावित विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम-जी अधिनियम, 2025 की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह पहल केवल योजना का नाम बदलना नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था की मूलभूत पुनर्रचना है. कहा कि वर्ष 2006 से 2011 के बीच बिहार सहित कई राज्यों में मनरेगा के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं. फर्जी मस्टर रोल, अयोग्य लाभार्थियों के नाम पर भुगतान और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ियों के कारण बिहार को लगभग 5,977 करोड़ रुपये की अनुमानित वित्तीय क्षति हुई. उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद मनरेगा में व्यापक सुधार किए गए. डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी), जियो-टैगिंग, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित निगरानी से पारदर्शिता बढ़ी और लीकेज पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ. आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2006–07 से 2013–14 के बीच मनरेगा पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2014–15 से 2025–26 के दौरान यह राशि बढ़कर 8.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई. वीबी-जी राम-जी अधिनियम, 2025 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है. मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान किया गया है. साथ ही खेती के चरम मौसम में 60 दिनों तक कार्य विराम और केंद्र-राज्य के बीच 60:40 की भागीदारी से राज्यों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी. योजनाओं का समय-समय पर नाम परिवर्तन होता रहा है और इसे राजनीतिक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए. प्रेस कॉफेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष बच्चा बाबू कामत सहित कई लोग मौजूद थे.
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