मधुबनी: जयनगर और नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए त्योहारों के सीजन में कंफर्म टिकट मिलना बड़ी चुनौती बन गया है. आगामी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व को लेकर इस रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है. फिलहाल यह स्थिति नवंबर के मध्य तक बनी रहने की संभावना है. यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे की ओर से त्योहार विशेष स्पेशल ट्रेनें चलाने और तत्काल टिकट के नियमों में बदलाव जैसी तैयारियां की जा रही हैं.
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जयनगर से नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को 14 अक्टूबर से कंफर्म टिकट उपलब्ध है. वहीं, नई दिल्ली समेत अन्य महानगरों से पर्व के दौरान घर आने वाले यात्रियों के लिए अगले दो से तीन महीने चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं.
14 नवंबर तक आने वाली ट्रेनों में टिकट फुल
पीआरएस काउंटर से मिली जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से जयनगर आने वाली ट्रेनों में ओपनिंग डेट 14 नवंबर तक सभी श्रेणियों में टिकट फुल हो चुके हैं. रेलवे पर नजर रखने वाले यात्रियों ने सितंबर के उत्तरार्ध से ही त्योहारों को देखते हुए एडवांस बुकिंग करा ली है.
इसके कारण स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पवन एक्सप्रेस, गरीब रथ, सरयू यमुना एक्सप्रेस और शहीद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी में भारी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है.
यह स्थिति नवंबर 2026 के आखिरी सप्ताह तक सामान्य होने की उम्मीद नहीं है. छठ पूजा के बाद दिल्ली लौटने वाले यात्रियों की भी भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है.
6 प्रमुख ट्रेनों में जाने के लिए टिकट उपलब्ध
जयनगर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की स्थिति:
- जयनगर-नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस
- दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति
- जयनगर-आनंद विहार गरीब रथ
- जयनगर-मुंबई पवन एक्सप्रेस
- जयनगर-अमृतसर सरयू यमुना एक्सप्रेस
- जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस
इन ट्रेनों में अक्टूबर के पहले सप्ताह से कंफर्म टिकट उपलब्ध है.
दिल्ली-मुंबई से घर आने वालों की बढ़ी परेशानी
महानगरों से जयनगर आने वाली ट्रेनों की स्थिति:
- नई दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति
- आनंद विहार-जयनगर गरीब रथ
- मुंबई-जयनगर पवन एक्सप्रेस
- अमृतसर-जयनगर सरयू यमुना एक्सप्रेस
- अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस
इन ट्रेनों में 14 नवंबर तक टिकट उपलब्ध नहीं है. ऐसे में पर्व के दौरान दिल्ली, मुंबई और अमृतसर समेत अन्य महानगरों में रहने वाले यात्रियों के लिए घर लौटना चुनौतीपूर्ण रहने वाला है.
60 दिन की बुकिंग विंडो के बाद भी भीड़ का दबाव
रेलवे की ओर से 120 दिनों की एडवांस बुकिंग विंडो को घटाकर 60 दिन किये जाने के बाद भी त्योहारी सीजन में ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ है. यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए पहले से योजना बनानी पड़ रही है.
पीआरएस और यूटीएस से रोज करीब 4 लाख की टिकट बिक्री
जयनगर स्टेशन के पीआरएस और यूटीएस काउंटर से प्रतिदिन करीब 4 लाख रुपये की टिकट बिक्री कैश और डिजिटल माध्यम से हो रही है. इसमें पीआरएस से करीब 2 लाख रुपये तथा यूटीएस से 1.75 लाख से 1.85 लाख रुपये तक की टिकट बिक्री होने की जानकारी दी गयी है.
