Madhubani News : जन भागीदारी से होगा टीबी बीमारी का उन्मूलन

टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई तकनीक "परामर्श और उपचार अनुपालन सहायता " की योजना शुरु की है.

मधुबनी.

टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई तकनीक “परामर्श और उपचार अनुपालन सहायता ” की योजना शुरु की है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों और संबंधित कारकों के कारण टीबी के मरीजों को मनोसामाजिक आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित कर वर्तमान व्यवहार में मौजूद कमी को पूरा करना है. इस योजना के तहत जिले में 1372 व्यक्तियों ने फिजियो सोशल सपोर्ट के तहत निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है. इसका उद्देश्य टीबी के मरीजों को सामाजिक स्तर पर सहयोग प्रदान करना है.

सीडीओ डॉ. जीएम ठाकुर ने कहा कि फिजियो सोशल सपोर्ट टीबी प्रोग्राम का कोई विशिष्ट कार्यक्रम नहीं बल्कि यह राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीइपी) के तहत टीबी रोगियों को मिलने वाले मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर काम करना है. इसमें निक्षय पोषण योजना के माध्यम से पोषण सहायता, नि-क्षय मित्र जैसे स्वयंसेवकों द्वारा सामुदायिक समर्थन, और आशा कार्यकर्ताओं व टीबी चैंपियंस द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता शामिल है. यह कार्यक्रम टीबी रोगियों की देखभाल को बेहतर बनाने और उपचार को पूरा करने में मदद करने के लिए है, जो न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करता है, बल्कि परामर्श, शिक्षा और अन्य सहायताएं भी देता है. मनोसामाजिक सहायता कोई भी व्यक्ति कर सकता है. इससे परिवार के सदस्य, सहकर्मी समूह, उपचार सहायता समूह, टीबी चैंपियन, सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवक (सीएचवी) और गैर-सरकारी संगठन टीबी रोगियों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान कर सकते हैं.

जिला समन्वयक पंकज कुमार ने कहा कि मनोसामाजिक सहायता के माध्यम से समुदाय को एक मजबूत भावना का निर्माण करना है. इसमें रोगियों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करने या स्वास्थ्य केंद्र जाने में मदद करना. अपनी दवांए लेने और अपना इलाज पूरा करने के लिए सहायता प्रदान करना. परिवार के सदस्यों, समुदाय-आधारित स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को गैर-सरकारी संगठनों द्वारा उपचार समर्थकों के रूप में प्रशिक्षित करना. पोषण संबंधी सहायता के लिए रोगियों को डीबीटी तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना. टीबी रोगियों को इलाज के लिए रेफरल केंद्र जाने में मदद करना. टीबी रोगियों को गृह आधारित देखभाल, मरीजों को कलंक व भेदभाव को कम करने के लिए सामाजिक स्तर पर पहल करना. इलाज समाप्त होने के बाद टीबी रोगियों को योग ध्यान एवं व्यायाम समूहों में शामिल होने में सहायता प्रदान करना, टीबी रोगियों को पुनर्वास सेवाओं की सुविधाओं का व्यवस्था करना तथा सामाजिक और आजीविका सहायता शामिल हैं. इसमें आय सृजन गतिविधियां इसके तहत मोमबत्ती बनाने, त्योहारों से संबंधित सामान बनाना शुरू करना. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से टीबी रोगियों को रोजगार उपलब्ध करवाना है.

क्षेत्र के सभी वर्गों से निक्षय मित्र बनाने को लेकर की गई अपील

डीपीसी पंकज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र योजना में स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिया गया है. साथ ही क्षेत्र के सभी वर्गों से निक्षय मित्र बन सामाजिक दायित्व के निर्वहन का अपील किया गया है.

निक्षय मित्र बनने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र से कर सकते हैं संपर्क

निक्षय मित्र बनने के लिए जिला यक्ष्मा केंद से संपर्क स्थापित किया जा सकता है. निक्षय मित्र बनने के लिए communitysupport.nikshay. in पर लॉगिन करने के बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान पर क्लिक कर निक्षय मित्र पंजीयन फॉर्म पर क्लिक कर अपनी पूरी जानकारी देने के बाद ही इस अभियान से जुड़ सकता है.इसके अलावा निक्षय हेल्प लाइन नंबर- 1800116666 पर कॉल कर के विस्तृत जानकारी ली जा सकती है। वहीं निक्षय मित्र बनने के लिए टीबी से ग्रसित मरीजों की सहमति लेकर पोषण के लिए उन्हें सहायता उपलब्ध कराना होगा.

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By GAJENDRA KUMAR

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