Madhubani News : निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने की छापेमारी, मिली कई गड़बड़ी

अनुमंडल रोड स्थित उपकारा गेट के समीप अवैध रूप से संचालित मां हॉस्पिटल निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को छापेमारी की.

बेनीपट्टी. अनुमंडल रोड स्थित उपकारा गेट के समीप अवैध रूप से संचालित मां हॉस्पिटल निजी नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को छापेमारी की. छापेमारी टीम में बेनीपट्टी अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विकास मदन हरिनंदन, स्वास्थ्य प्रबंधक सुशील कुमार, डॉ. तारिक अख्तर, डॉ. मो. तारिक एवं प्रधान लिपिक हितेंद्र राय शामिल थे. टीम ने अवैध हॉस्पिटल में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार के निर्देश पत्र के आलोक में छापेमारी की. शनिवार की दोपहर साढ़े 12 बजे मेल एवं 12.36 बजे व्हाट्सएप पर अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक को क्लिनिक की जांच करने का निर्देश पत्र सिविल सर्जन से प्राप्त हुआ था. इसके करीब 10 से 15 मिनट के भीतर अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक ने बेनीपट्टी के एसडीओ शारंग पाणि पांडेय को इसकी सूचना देकर व उनका निर्देश लेकर टीम बनाई. अवैध हॉस्पिटल में छापेमारी की. छापेमारी के क्रम में उस हॉस्पिटल में सिजेरियन से संबंधित 3 महिला मरीज भर्ती मिलीं. 2 महिला मरीजों का जहां अवैध हॉस्पिटल के संचालक द्वारा ऑपरेशन किया जा चुका था. वहीं, 1 महिला मरीज का ऑपरेशन किया जाने वाला था. लेकिन, इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की. भनक लगते ही उक्त अवैध हॉस्पिटल के संचालक मो. अजहर सहित सभी कर्मी मौके पर से फरार हो गये. अवैध हॉस्पिटल में सिजेरियन से संबंधित 3 भर्ती महिला मरीजों की पहचान बिशनपुर के मिथिलेश कुमार की पत्नी गुड़िया कुमारी, बसैठ कबाड़ी टोला की बसरा खातून के परिजन नुसरत एवं मानसीपट्टी के विकास यादव की पत्नी धर्मशीला कुमारी के रूप में की गई. इसमें गुड़िया कुमारी एवं धर्मशीला कुमारी का ऑपरेशन जहां किया जा चुका था. वहीं नुसरत का ऑपरेशन किया जाने वाला था. उपाधीक्षक ने बताया कि गुड़िया कुमारी शनिवार 27 सितंबर को ही अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज कराने के लिए गई हुई थी. लेकिन मकिया बिशनपुर के आशा कार्यकर्ता साजिया खातून ने गुड़िया कुमारी को बरगला कर अनुमंडलीय अस्पताल से लाकर इस अवैध क्लिनिक में भर्ती करा दी. उन्होंने इससे करीब 15 दिन पूर्व भी इस अवैध हॉस्पिटल की जांच की थी. जांच में मानक नहीं पाए जाने पर संचालक को हॉस्पिटल को बंद करने का निर्देश दिया. उनकी रिपोर्ट के बाद सिविल सर्जन ने इस अवैध क्लिनिक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. संचालक द्वारा अवैध क्लिनिक पर से मां हॉस्पिटल का लगा बोर्ड तो हटा दिया था लेकिन, बगैर बोर्ड के चोरी-छिपे अवैध हॉस्पिटल का संचालन किया जाता रहा. जिसकी सूचना पर की गई छापेमारी में पुनः बगैर निबंधन व मानक के अवैध रूप से हॉस्पिटल का संचालन करते पकड़ा गया. बता दें कि इस अवैध क्लिनिक के संचालक मो. अजहर द्वारा मरीज का ऑपरेशन करते फोटो व वीडियो भी पूर्व में वायरल हुआ था. वहीं, उसके अवैध क्लिनिक पर कई बार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जुर्माना भी लगाया जा चुका है. बावजूद जगह बदल-बदलकर बेनीपट्टी में अवैध क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है. उपाधीक्षक ने बताया कि छापेमारी की रिपोर्ट सीएस एवं एसडीओ को भेजी जा रही है.

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By GAJENDRA KUMAR

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