मधुबनी. 13 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव संदिप चैतन्य एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार महथा ने सभी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के साथ बैठक की. इस दौरान प्राधिकार सचिव ने सुलहनीय वादों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में निपटाने के लिए प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी वादों में दोनों पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजना सुनिश्चित किया जाए. ताकि अधिक से अधिक मामले का निपटारा आपसी सहमति से किया जा सके. सीजेएम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत जनता को न्याय प्राप्त करने का सरल व प्रभावी माध्यम है. इसके माध्यम से लोग समय, धन और श्रम की बचत कर सकते हैं. विदित हो कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय फौजदारी सहित दिवानी, बिजली, वन विभाग, क्लेम के मामले, परिवारवाद सहित अन्य सुलहनीय वादों का निपटारा समझौता के आधार पर निःशुल्क निपटाया जाता है. बैठक में एसडीजेएम सचिन कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दिवानंद झा, नरेश कुमार, पीके चौरसिया व अनुष्का चतुर्वेदी उपस्थित थीं.
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