बिस्फी. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अब्दुल बासित की अध्यक्षता में बैठक हुई. जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सभी चिकित्सक, नर्स और कर्मी शामिल हुए. बैठक में अस्पताल में भय का वातावरण होना, बार-बार हंगामा होना, भय के साये में काम करने, सीएस एवं एसपी को घटना की जानकारी देने पर विचार विमर्श किया गया. इस दौरान सदस्य ने सीएचसी में हो रहे बार – बार हो हंगामा को लेकर चिंता जतायी. प्रभारी डॉ. अब्दुल बासित ने कहा कि लोगों को सही जानकारी नहीं रहने के कारण कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं. यहां तक की निधन भी हो जाता है तब अस्पताल लेकर आते हैं. कहा कि अस्पताल एक समर्पित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जो लोगों को निरंतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है. प्रतिमाह लगभग 300 प्रसव होते हैं और प्रतिदिन लगभग 200 रोगी ओपीडी में आते हैं. सभी प्रकार की दवा उपलब्ध हैं और आवश्यक जांच-परीक्षण भी यहीं कराए जाते हैं. आपातकालीन स्थिति में जैसे सांप के काटने, मारपीट से घायल रोगी, और अन्य गंभीर मामलों में प्राथमिक उपचार यहीं होती हैं. जो मरीज अत्यधिक गंभीर स्थिति में होते हैं, उन्हें सदर अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों के लिए रेफर कर देते हैं. स्थानीय लोगों से पूर्ण सहयोग करने की अपील की. ताकि हम अपनी सेवा को और बेहतर बना सकें. अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाया जा रहा है.
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