घोघरडीहा. बीडीओ धीरेेद्र कुमार धीरज के प्रकोष्ठ में मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति की बैठक हुई. बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, वित्तीय पारदर्शिता तथा निजी नर्सिंग होम की मनमानी पर सदस्यों ने चिंता जताई. समिति सदस्य सह पंचायत समिति सदस्य सुशील कामत ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में भर्ती रोगियों को साफ चादर तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो भुगतान का औचित्य क्या है. उन्होंने इसे वित्तीय अनियमितता की शंका बताते हुए जांच की मांग की. इस पर बीडीओ ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. देवकांत दीपक को निर्देश दिया कि विभिन्न मदों में हुए वित्तीय भुगतान की राशि को स्पष्टता के साथ पंजी में दर्ज करें. बैठक में अस्पताल में व्याप्त गंदगी और साफ-सफाई की लचर व्यवस्था पर भी सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की. कहा कि अक्सर शिकायत मिलती है कि प्रसव कराने आई गरीब परिवार की महिलाओं को बिना ठोस कारण हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है. इसके बाद आशा कार्यकर्ता और निजी नर्सिंग होम के एजेंट मरीजों को डरा-धमकाकर निजी नर्सिंग होम ले जाते हैं, जहां सिजेरियन डिलीवरी के नाम पर उनका आर्थिक शोषण किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ऐसे निजी नर्सिंग होम में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन के दौरान प्रसूताओं की मौत भी हो चुकी है. बैठक में प्रखंड क्षेत्र में संचालित सभी अवैध नर्सिंग होम की जांच कर उन्हें सील करने की मांग की. बैठक में स्वास्थ्य प्रबंधक पंकज कुमार, रोगी कल्याण समिति के सदस्य, पूर्व मुखिया कमलेश कुमार राय, किरण देवी, उदय गुप्ता एवं विपिन भारद्वाज सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
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