खाद की कालाबाजारी पर रोक को लेकर किसान सभा का धरना

जिले में हो रही खाद की कालाबाजारी रो रोक सहित अन्य मांगों को लेकर बिहार राज्य किसान सभा के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया.

मधुबनी . जिले में हो रही खाद की कालाबाजारी रो रोक सहित अन्य मांगों को लेकर बिहार राज्य किसान सभा के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया. धरनास्थल पर संगठन अध्यक्ष सूर्यनारायण महतो की अध्यक्षता में सभा हुई. मौके पर सदस्यों ने खाद की कालाबाजारी पर रोक, धान क्रय का न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाने, फसल बीमा लागू करने, मनरेगा योजना का परिवर्तित नाम वीबी जी राम जी को निरस्त कर पुनः मनरेगा बहाल करने, भूमि अधिग्रहण जबरन करने पर रोक, दाखिल ख़ारिज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, बहुउद्देशीय हाई डैम निर्माण अविलंब चालू करने, सभी बंद पड़े नलकूप चालू करने की मांग की. वक्ताओं ने कहा किसान बेहाल एवं तबाह हैं. उनके उत्पादनों का सही समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा नहीं देने के कारण किसान फसल को औने-पौने कीमत पर बेचने को विवश हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है. कोसी, किंग्स सहित विभिन्न नहर परियोजनाओं का जीर्णोद्धार वर्षों से लंबित रहने से सिंचाई बाधित है. परियोजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार है. खाद की कालाबाजारी होने के कारण किसान निर्धारित मूल्यों से अधिक दाम पर उर्वरक खरीदने के लिए मजबूर हैं. धरना के अंत में एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. सभा को राष्ट्रीय परिषद सदस्य मिथिलेश झा, किसान सभा के जिला सचिव लक्ष्मण चौधरी, राज्य परिषद सदस्य सदस्य मनोज मिश्र, रामनारायण बनरैत, राकेश कुमार पांडेय, किसान नेता उपेंद्र सिंह, खेत मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष रामनारायण यादव, सचिव तिरपित पासवान, किसान नेता आनंद कुमार झा, अजय कुमार वर्मा, सुचित्रा राय, सत्यनारायण यादव, मों नसीम, अशेश्वर यादव, मो. साबिर, मदन मिश्र, मजदूर नेता मंगल राम, किसान नेता हृदय कांत झा, संतोष झा, सत्यनारायण राय, मनतोर देवी, रामाधार यादव , गणेश झा, पैक्स अध्यक्ष महेश यादव ने भी संबोधित किया.

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Published by: Digvijay singh

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