मधुबनी. केंद्र सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ता सामग्री, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े समान, कृषि क्षेत्र सहित बीमा क्षेत्र में जीएसटी को कम करने के कारण आम उपभोक्ताओं को इसका लाभ 22 सितंबर से मिलना शुरू हो जाएगा. इससे दैनिक उपभोग की वस्तुएं सस्ता होने के आसार बढ़ गए हैं. वस्तुओं के कीमत में जीएसटी के कम होने के कारण गिरावट होने से आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट कम होने की आशंका प्रबल हो गई है. केंद्र सरकार ने सेवा क्षेत्र में विशेष राहत देने की बात कही है. इनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन सेवाओं में गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ कम पड़ेगा. जीएसटी कम होने से वस्तुओं के दाम में गिरावट का असर 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएगा. आइआरसीटीसी ने रेलवे एवं प्लेटफार्म पर बिकने वाले रेल नीर के दामों में कमी की घोषणा कर दी है. जहां पूर्व में रेल नीर की एक बोतल 15 रुपये में व आधा लीटर की बोतल 10 रुपये में बिकता था, वहीं अब इसकी कीमत 1 लीटर का 14 रुपये एवं हॉफ लीटर का 9 रुपये करने की घोषणा की गयी है. इसी तरह अमूल ब्रांड के प्रोडक्टों में कीमत कम करने की भी घोषणा की गई है. सरकार की ओर से जीएसटी सुधार में 12 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत का स्लैब घटाकर अधिकतर वस्तुओं को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दायरे में लाया गया है. कई आवश्यक वस्तुओं की सेवाओं पर प्रभावी रूप से 7 से 23 प्रतिशत तक दरों में कमी की गई है. कुछ सेवाओं पर जीरो प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है. जीएसटी कम होने का प्रभाव स्वास्थ्य सेवाएं, दवाओं, अस्पताल हेल्थ केयर सेवाएं पर भी होगा. जिससे उपचार में होने वाले खर्चों में कमी आएगी. दैनिक उपभोग की वस्तुओं में स्कूल सामग्री, कृषि सेवाओं से जुड़ी वस्तुओं के दामों में भी कमी आएगी. जीएसटी में छूट का लाभ आम जनता को मिलेगा. इस संबंध में किराना व्यवसायी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश प्रसाद साह ने कहा कि अभी बाजार में किन वस्तुओं के दाम में गिरावट आएगी उस पर संशय बना हुआ है. पर्व त्योहार के मौसम में व्यवसायी सामानों को स्टॉक करने में डर रहे हैं. किन वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी होगी और किन वस्तुओं के दाम कम होंगे यह समझ नहीं आ रहा है. बीमा क्षेत्र में जीएसटी समाप्त करने से बीमा धारकों को लगने वाला जीएसटी कम होने से उन्हें काफी लाभ होगा.
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