मधुबनी.
नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. निगम ने इस उद्देश्य के लिए कई पहल की हैं. जिनमें स्वच्छता अभियान में शामिल करना, नागरिकों से फीडबैक और सुझाव मांगना, और कर्मचारियों को स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है. नागरिकों से फीडबैक और सुझाव मांगने के लिए, नगर निगम ने क्यूआर कोड और वेबसाइट शुरु की है. नागरिक 10 प्रश्नों की रेटिंग देकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. निगम लोगों के सुझावों के आधार पर सुधारात्मक योजनाएं भी बना रहा है. स्वच्छता साथी एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं लोगों से अधिक से अधिक फीडबैक के लिए जागरूक कर रही है. वहीं, नगर निगम के कर्मचारियों को स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. नगर निगम ने अपने परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए हैं.स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ले सकती है जानकारी
15 फरवरी से शहरी निकायों में शुरु होने वाले सिटीजन फीडबैक के तहत शहर के किसी भी व्यक्ति से पूछे जा सकते हैं. अब शहरवासियों के इन सवालों के सकारात्मक जवाब से ही शहर की रैंकिंग में सुधार होगा, जबकि नकारात्मक जवाब से नंबर कटेंगे. 15 फरवरी से स्वच्छ भारत मिशन की केंद्रीय टीम अगले एक महीने तक अलग-अलग शहरों में जाकर स्वच्छता का हाल देखेगी. इस दौरान केंद्रीय टीम द्वारा शहरवासियों का फीडबैक लेने के साथ-साथ शहरी निकायों की भौतिक पड़ताल भी करेंगी. भौतिक निरीक्षण के क्रम में शहर के कचरा प्रबंधन की स्थिति, जनशिकायतों का समाधान, स्वच्छता व सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक शौचालयों, कचरा प्रबंधन केंद्र व नालों व सीवर की स्थिति देखी जायेगी. नागरिकों के फीडबैक पर इस बार भी 600 नंबर तय किये गये हैं.एप व फोन के माध्यम से शुरू हो चुका है फीडबैक देने का काम
स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों के फीडबैक और सफाई व स्वच्छता से जुड़े उनके कार्यों पर 2250 नंबर मिलने हैं. 15 फरवरी से एप, फोन आदि माध्यमों से फीडबैक देने की शुरुआत हो गयी है. शहरवासियों को साफ-सफाई के प्रति अपने विचार देने के लिए प्रचार प्रसार के माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है.इस बार भी 15 वर्ष के किशोरों के साथ ही युवाओं एवं बुजुर्गों से भी सवाल किये जायेंगे. उनसे रोजाना कूड़ा उठाने की स्थिति, सूखा व गीला कूड़ा अलग करने, शौचालय की जानकारी के लिए गूगल टॉयलेट लोकेटर के इस्तेमाल, आसपास की सफाई, घर में खाद बनाने की जानकारी, घर से निकले टूटे व पुराने खिलौने, कपड़े व जूते आदि को फिर से इस्तेमाल करने की जानकारी, शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी की जानकारी, पहले की तुलना में सफाई की स्थिति, कचरा संग्रहण की व्यवस्था, गीला व सूखा कूड़ा अलग करने, कचरा प्रबंधन पर सवाल किये जायेंगे. इसके अलावा भी स्वच्छता को लेकर कई सवाल किये जायेंगे.
सभी स्तर से किया जा रहा हरसंभव प्रयास
मेयर अरुण राय ने बताया कि, गत वर्ष के सर्वेक्षण में हमारी मार्किंग जिन-जिन क्षेत्रों में कमजोर रही है, उन क्षेत्रों में सुधारात्मक प्रदर्शन की विशेष तैयारी की गयी है. साथ ही बेहतर रैंक पाने के लिए सभी स्तर से प्रयास किये जा रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
