Madhubani : प्राथमिक विद्यालय में एक कमरे में ही कार्यालय व तीन वर्ग कक्ष का हो रहा संचालन

शहर के नोनिया टोल स्थित प्राथमिक विद्यालय पुरानी चट्टी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है.

कमरे के अभाव में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हो रही प्रभावित मधुबनी . शहर के नोनिया टोल स्थित प्राथमिक विद्यालय पुरानी चट्टी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. हालात यह है कि एक कमरे में कार्यालय के साथ कक्षा तीन, चार व पांचवीं के बच्चों की पढ़ाई की जाती है. इस विद्यालय में छात्रों की संख्या 62 है. वर्ग 1 से 5 तक की कक्षा संचालित होती है. दूसरा कमरा क्षतिग्रस्त है. बरामदे पर पहले व दूसरी के छात्रों की पढ़ाई होती है. विद्यालय में शिक्षकों की संख्या 4 है. पहले शिक्षकों के समक्ष मध्यान्ह भोजन का अनाज रखने की भी समस्या बनी रहती थी. अब एनजीओ के माध्यम से मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. शिक्षकों की मानें तो पढ़ाई करने में उन्हें काफी असहज महसूस होती है. एक ही कमरे में अलग-अलग वर्ग के बच्चों को बैठाकर शिक्षा देना एक जटिल समस्या है. पढ़ाने में शिक्षकों को काफी परेशानी होती है. शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार विद्यालय में वर्ग कक्षा का निर्माण करा देगी तो यहां बच्चों को पठन-पाठन में साहूलियत होगी. इस विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था नहीं है. 6 माह से छात्र दूसरे के यहां से पानी की व्यवस्था कर काम चलाते हैं. ब्लैक बोर्ड पर एक साथ तीन वर्गों के छात्र की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालय पुरानी नोनिया टोल के एक कमरे में कक्षा एवं 3, 4 व 5 की पढ़ाई होती है. कमरा में ब्लैक बोर्ड लगे हुए हैं. बच्चों ने बताया कि एक साथ ही तीन कक्षा संचालित किए जाने से पढ़ने में परेशानी होती है. वहीं शिक्षक कहते है कि जब एक कक्षा को पढ़ाया जाता है तो दूसरी कक्षा के बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर लिखकर बताया जाता है. इसी तरह तीन कक्षाएं साथ चलती है. शिक्षा विभाग के पदाधिकारी का इस समस्या पर ध्यान नहीं शहर के नोनिया टोल स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति सरकारी विकास के दावे को आईना दिखाने के लिए काफी है. इस विद्यालय में पढ़ने वाला विद्यार्थी कितना परेशान हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच कक्षाओं का संचालन दो कमरे में हो रहा है. स्कूल का कार्यालय भी इसी कमरे में चलता है. यह स्थिति छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों व अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. इस पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारी का ध्यान नहीं गया है. क्या कहते हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि क्लास रूम की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. क्लास रूम बन जाएगा तो समस्या का हल हो जाएगा. इस समस्या से विभाग के वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया है. 6 माह से चपाकल बंद पड़ा है. विभाग को इसकी सूचना कई बार दी गई है.

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