मधुबनी. प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में स्थित स्कूल व कॉलेजों में एनसीसी को बढ़ावा दिया जाना है. यह जानकारी कमांडिंग अफसर कर्नल नितिन झा ने दी. उन्होंने कहा कि इसके लिए एनसीसी बटालियन मुख्यालय सतत प्रयत्नशील है. साथ ही जहां एनसीसी पहले से कार्यरत है उन संस्थाओं की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. ताकि कैडेटों के प्रशिक्षण पर बुरा असर नहीं पड़े. एनसीसी में छात्रों-छात्राओं की भर्ती करना, कैंप के लिए परिसर उपलब्ध कराना और एनसीसी वर्ग संचालन में कैडेटों की उपस्थिति बनाए रखना संस्थाओं का काम है. उन कैडेटों को प्रशिक्षण देने, समय पर कैंप लगाने एवं विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन का काम बटालियन मुख्यालय का रहता है. समय-समय पर बेहतर प्रदर्शन नहीं करनेवाले संस्थानों से एनसीसी हटायी भी जाती है और नए संस्थानों में शुरुआत की जाती है. तकनीकी संस्थानों जैसे मधुबनी इंजीनियरिंग कॉलेज एवं घोघरडीहा पॉलिटेक्निक जैसी संस्थाओं को अवसर प्रदान करने एवं ज्यादा से ज्यादा महिला कैडेटों को एनसीसी से जोड़ने का उद्देश्य 34 बिहार बटालियन एनसीसी का रहा है. 34 बिहार बटालियन एनसीसी, मधुबनी में कार्यरत विभिन्न कंपनी एवं ट्रूपों को उनके प्रदर्शन के आधार पर बंद कर नए संस्थाओं में खोला गया है. आरके कॉलेज में कार्यरत 1/34 एवं 5/34 कम्पनियों में एक 1/34 कंपनी को बंद कर दिया गया है. साथ ही सीएमबी कॉलेज ड्योढ़ (घोघरडीहा), उच्च विद्यालय मधवापुर, उच्च विद्यालय बासोपट्टी, लक्ष्मीश्वर एकेडमी सरिसब (सरिसब-पाही) एवं उच्च विद्यालय एकहरी में एनसीसी बंद कर दी गयी है. वहीं दूसरी ओर केवीएस कॉलेज बेनीपट्टी, उच्च विद्यालय कोइलख, उच्च विद्यालय एकहथा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, मधवापुर एवं भोला उच्च विद्यालय, घोघरडीहा में एनसीसी की कंपनियां एवं ट्रूप खोले गए हैं. इस तरह 34 बिहार बटालियन एनसीसी का विस्तार अब निकटवर्ती सीतामढ़ी जिला तक हो गया है.
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