Madhubani News: नाबार्ड द्वारा प्रायोजित रांटी हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी के परिसर में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 45वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को ग्रामीण विकास, स्वरोजगार, वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग की योजनाओं की जानकारी दी गई.
ग्रामीण विकास में नाबार्ड की भूमिका पर प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) डॉ. प्रशांत ने कहा कि नाबार्ड कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रहा है. उन्होंने बताया कि मधुबनी जिले में फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी, ऑफ-फार्म प्रोड्यूसर कंपनी और वित्तीय साक्षरता जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
मिथिला की हस्तकलाओं की सराहना
डॉ. प्रशांत ने कहा कि मधुबनी जिला अपनी समृद्ध हस्तकलाओं के कारण देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में पहचान रखता है. मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला, सुजनी कला, मिट्टी कला और पेपर मेशी जैसी कलाओं में बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हैं और वे कला संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं.
उन्होंने बताया कि रांटी हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी के कलाकारों द्वारा तैयार मधुबनी पेंटिंग को कंपनी की प्रोमोटिंग संस्था युवा कृति संगम के माध्यम से भारतीय दूतावास, अल्जीरिया भेजा गया, जो जिले के कलाकारों के लिए गौरव की बात है.
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता पर भी दी जानकारी
कार्यक्रम में वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई. कलाकारों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया.
इस अवसर पर सुनील कुमार चौधरी सहित मिथिला चित्रकला से जुड़े अनेक कलाकार उपस्थित रहे.
