भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार हुआ मोहम्मद ताहिर, बैग से मिला सामान देख SSB जवान रह गए हैरान, गुप्त सूचना पर हुई थी कार्रवाई

Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. इसके पास से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई है.

Madhubani News: बिहार के मधुबनी में सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने जाली नोटों की तस्करी करते एक शख्स को गिरफ्तार किया है. इसकी पहचान मोहम्मद ताहिर (56) के रूप में हुई है. वह मधुबनी के जयनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. सशस्त्र सीमा बल ने मोहम्मद ताहिर के पास से जब्त सामान को बासोपट्टी थाने में जमा कर दिया है. इस कार्रवाई को लेकर कार्यवाहक कमांडेंट विवेक ओझा ने बताया कि यह गिरफ्तारी एसएसबी की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दिखाती है. उन्होंने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए जाली नोटों की तस्करी बड़ा खतरा है. सशस्त्र सीमा बल की कोशिश है किऐसी हर गतिविधि पर लगाम लगाई जाये.

क्या-क्या बरामद हुआ

कार्यवाहक कमांडेंट विवेक ओझा ने बताया 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने बीओपी जानकी नगर के पास से मोहम्मद ताहिर को गिरफ्तार किया. इसके पास से जाली भारतीय और नेपाली नोट, बाइक, मोबाइल और अन्य सामान मिला है. विवेक ओझा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बीओपी जानकी नगर के पास सरिता गाछी में विशेष गश्त लगाई गई थी. इसी दौरान जवानों को तभी भारतीय सीमा में करीब 20 मीटर अंदर एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया. उसे रोक कर जब तलाशी ली गई तो पास से जाली नोट और अन्य सामान मिला.

कितने का जाली नोट मिला

कार्यवाहक कमांडेंट ने बताया कि तस्कर मोहम्मद ताहिर के पास से सौ के 138 नोट मिले. इसके अलावा 500 रुपये के 13 जाली नेपाली नोट भी मिले. मोहम्मद ताहिर के पास से BR-32S 3105 नंबर की एक बाइक, एक मोबाइल फोन जिसमें दो सिम कार्ड थे, दो अंगूठियां, एक घड़ी और 770 रुपये की असली भारतीय मुद्रा भी बरामद हुई. विवेक ओझा ने आगे बताया कि हमारी टीम सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क रहती है और आगे भी इसी तरह मुस्तैद का रहेगी. सशस्त्र सीमा बल के जवानों की इस सफलता से भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी करने वालों में खौफ पैदा होगा.

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: तेलंगाना टनल में फंसे संतोष साहू के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट : पत्नी बोली- उनके सिवा कमाने वाला कोई नहीं

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >