मधुबनी. लोकसभा चुनाव में कर्मियों को पेयजल एवं शौचालय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. पीएचईडी विभाग 500 पोलिंग बूथों पर चापाकल लगायेगी. इसके लिए विभाग ने सर्वे भी कर लिया है. 20 अप्रैल के बाद चयनित पोलिंग बूथों पर चापाकल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. विभाग द्वारा पूर्व में भी पांच दर्जन से अधिक पोलिंग बूथ पर चलंत शौचालय व पीने के पानी को लेकर नल लगाया गया है. विदित हो कि डीएम ने सभी पोलिंग बूथ पर चापाकल लगाने का निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग, डीआरडीए व पीएचईडी विभाग को पोलिंग बूथों की सूची दी गयी है. चयनित पोलिंग बूथ पर पीने के पानी के लिए क्या व्यवस्था पूर्व से है. अगर पोलिंग बूथ के नजदीक नलजल या चापाकल पहले से नहीं लगा है तो उस बूथ पर तत्काल पीने के पानी को लेकर इंतजाम किया जाना है. पीएचईडी विभाग के सहायक अभियंता गौरव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लगभग चार हजार पोलिंग बूथ बनाया गया है. जिसमें अधिकतर बूथों पर पीने के पानी का व्यवस्था पूर्व से उपलब्ध है. लगभग 500 बूथों पर नजदीक में कोई चापाकल या नलजल नहीं है. जिस बूथ पर पानी की व्यवस्था नहीं है. उस बूथ पर पीएचईडी विभाग चलंत चापाकल लगायेगा. कहा कि डीएम सह निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी पोलिंग बूथों पर चापाकल लगाने का निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग समय से पानी की व्यवस्था नहीं कर पाता है, तो पीएचइडी विभाग उस जगह पर चापाकल लगा देगा.
500 पोलिंग बूथ पर लगेगा चलंत चापाकल
लोकसभा चुनाव में कर्मियों को पेयजल एवं शौचालय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. पीएचईडी विभाग 500 पोलिंग बूथों पर चापाकल लगायेगी. इसके लिए विभाग ने सर्वे भी कर लिया है.
