Madhubani News: विगत चार वर्षों से अयाची नगर युवा फाउंडेशन की ओर से सरिसब-पाही परिसर में आयोजित होने वाला मिथिला आम महोत्सव इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है. इस बार आम की अल्प पैदावार को देखते हुए महोत्सव का आयोजन नहीं किया जा सका. इसके स्थान पर सर गंगानाथ झा वाचनालय में आम उत्पादन को केंद्र में रखकर विशेष चर्चा आयोजित की गई.
यह भी पढ़ें: अंधराठाढ़ी में 2.35 करोड़ की लागत से बने सुपेन नदी पुल के एप्रोच पथ पर कटाव, हादसे का खतरा
आम उत्पादन घटने के कारणों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में आम की कम पैदावार के कारणों, इसके संरक्षण और भविष्य में उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
मुख्य वक्ता अमल झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, समय पर खाद और सिंचाई का अभाव तथा पुराने आम के पेड़ों की उचित देखभाल नहीं होने के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है. कार्यक्रम में उपस्थित बुद्धिजीवियों और प्रतिभागियों ने भी अपने विचार साझा किए.
आम मिथिला की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा
कार्यक्रम के संयोजक मदन झा ने चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आम केवल एक फल नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं.
जैविक खेती और नए बाग लगाने पर जोर
अयाची नगर युवा फाउंडेशन के संस्थापक विक्की मंडल ने कहा कि मिथिला की आम संस्कृति और इसकी समृद्ध विरासत को बचाने के लिए किसानों, युवाओं और समाज को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने जैविक खेती अपनाने और नए आम के बाग लगाने पर विशेष जोर दिया.
कार्यक्रम के दौरान विकाश साहू ने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष अच्छी पैदावार होने पर मिथिला आम महोत्सव का आयोजन फिर से पूरे उत्साह और भव्यता के साथ किया जाएगा.
