Madhubani News: झंझारपुर स्थित मिथिला हाट में मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं को जीवंत करने वाली डाली सज्जा प्रतियोगिता धूमधाम से चल रही है. बुधवार और गुरुवार को प्रतियोगिता में रिकॉर्ड संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. दो दिनों में कुल 131 नवविवाहिताओं ने पारंपरिक तरीके से सजी डाली के माध्यम से अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को होगा.
Jhanjharpur News: दो दिनों में 131 महिलाओं ने दिखाई कला
आयोजकों के अनुसार बुधवार को 77 और गुरुवार को 54 नवविवाहिता महिलाओं ने डाली सज्जा प्रतियोगिता में भाग लिया. जयनगर से लेकर दरभंगा तक की प्रतिभागियों ने पारंपरिक डाली को आकर्षक ढंग से सजाकर मिथिला की लोक संस्कृति, परंपरा और कला को प्रस्तुत किया.
अंजली की डाली को मिला प्रथम स्थान
बुधवार को आयोजित प्रतियोगिता में अंजली की सजाई गई डाली को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ. मिथिला हाट प्रबंधन की ओर से उन्हें गिफ्ट हैम्पर एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रतिभागियों की आकर्षक सजावट ने दर्शकों का भी ध्यान खींचा.
रंग-बिरंगी डाली और पारंपरिक सजावट बनी आकर्षण
प्रतियोगिता में महिलाओं ने डाली को फूल-पत्तियों, रंग-बिरंगे सजावटी सामान और पारंपरिक आभूषणों से सजाया. अलग-अलग डिजाइन और पारंपरिक शैली में तैयार की गई डाली ने मिथिला की समृद्ध लोक कला की झलक प्रस्तुत की. प्रतियोगिता स्थल पर दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला.
गुरुवार को 54 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
गुरुवार को कुमकुम झा, अंजली कुमारी, तिरपित कुमारी, निधि झा, प्रीति कुमारी, सुरुचि झा, चांदनी कुमारी, रूपम रानी, सरिता झा, शिवानी झा, अंबे कुमारी, श्वेता शालिनी, नेहा झा, जूही झा, तुलसी झा, आरती मिश्रा, सृष्टि झा और काजल कुमारी सहित कुल 54 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया.
नई पीढ़ी को मिथिला की परंपरा से जोड़ना उद्देश्य
आयोजन समिति की अंबे मिश्रा, कल्याणी झा, आशा झा, विनीता गिरी, नंदिनी सिंह और सीमा देवी ने बताया कि डाली सज्जा प्रतियोगिता का उद्देश्य नई पीढ़ी को मिथिला की परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ना है. साथ ही महिलाओं के हुनर और रचनात्मक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है.
शुक्रवार को होगा प्रतियोगिता का समापन
आयोजकों के अनुसार डाली सज्जा प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को होगा. प्रतियोगिता के माध्यम से मिथिला की पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.
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