Madhubani News : मधुबनी :
नगर निगम क्षेत्र में बिना ट्रेड लाइसेंस के कारोबार करने वाले दुकानदारों पर अब गाज गिरने वाली है. निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन दुकानदारों ने अब तक ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है, उनकी दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी. निगम क्षेत्र में लगभग 5000 छोटे-बड़े कारोबारी सक्रिय हैं, लेकिन लाइसेंस लेने में उनकी उदासीनता को देखते हुए अब सख्ती बरतने की तैयारी है.राजस्व की स्थिति निराशाजनक
आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 175 दुकानदारों ने ही ट्रेड लाइसेंस लेकर अपना पंजीकरण कराया है. इनमें से 100 लाइसेंस दिसंबर माह में आयोजित विशेष कैंप के दौरान जारी किए गए. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निगम ने 11 लाख रुपये की डिमांड रखी है, लेकिन वसूली अब तक केवल 17.09 फीसदी ही हो पाई है, जिसे निगम प्रशासन ने काफी निराशाजनक माना है. पिछले वर्ष के अवशेषों को मिलाकर कुल मांग 14,63,499 रुपये तक पहुँच गई है.
किराएदार हो या मालिक, लाइसेंस अनिवार्य
नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 342 के तहत निगम क्षेत्र में व्यवसाय के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है. मेयर अरुण राय ने बताया कि चाहे दुकान अपनी हो या किराए की, लाइसेंस लेना हर कारोबारी के लिए जरूरी है. इसके लिए दुकान के कागजात, आधार कार्ड, पैन कार्ड और जीएसटी नंबर जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं. यदि दुकान किराए पर है, तो एग्रीमेंट पेपर देना होगा.
व्यापारियों को मिलेगा सरकारी संरक्षण
मेयर ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि ट्रेड लाइसेंस न केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि इसके कई लाभ भी हैं. लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों को सरकार की व्यवसाय प्रोत्साहन नीति के तहत विशेष संरक्षण और सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे शहर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. उन्होंने अपील की है कि दुकानदार समय रहते सभी जरूरी कागजात के साथ निगम कार्यालय पहुँचकर अपना लाइसेंस बनवा लें, अन्यथा अभियान के दौरान कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
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