Madhubani News: जिले में बढ़ती विद्युत मांग और शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में वर्तमान विद्युत लोड, बिजली आपूर्ति की स्थिति, नए पावर सब-स्टेशनों के निर्माण और विद्युत क्षमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि विकास कार्यों के कारण शहरी क्षेत्र में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है.
शहरी क्षेत्र में बढ़कर 21.6 मेगावाट हुआ बिजली लोड
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मधुबनी शहर में करीब 4 मेगावाट अधिक बिजली की खपत हो रही है. जुलाई 2025 में शहरी क्षेत्र का विद्युत लोड 17 मेगावाट था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 21 मेगावाट और अगस्त 2026 में 21.6 मेगावाट तक पहुंच गया है.
वर्तमान में पावर सब-स्टेशन की कुल क्षमता 27 मेगावाट है, जिस पर करीब 80 प्रतिशत लोड चल रहा है. बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई है.
अप्रैल से जुलाई तक लगातार बढ़ा विद्युत इनपुट
मधुबनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में विद्युत इनपुट में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है. अप्रैल 2026 में 4.02 करोड़ यूनिट, मई में 4.48 करोड़ यूनिट, जून में 5.51 करोड़ यूनिट और जुलाई 2026 में 6.13 करोड़ यूनिट विद्युत इनपुट दर्ज किया गया.
अधिकारियों के अनुसार बढ़ती खपत को देखते हुए शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त विद्युत क्षमता विकसित करने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है.
10 MVA का पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया गया
बढ़ते विद्युत लोड को देखते हुए 10 MVA क्षमता का नया पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जा चुका है. इसे एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके चालू होने के बाद शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा शहरी क्षेत्र के पीएसएस को एक अतिरिक्त 33 KV लाइन से भी जोड़ा गया है. इससे मधुबनी जीएसएस और पंडौल जीएसएस से दो अलग-अलग रूट के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा सकेगी.
चार नए पावर सब-स्टेशन का निर्माण शुरू
विद्युत कार्यपालक अभियंता मो. अरमान ने बताया कि जिला पदाधिकारी के प्रयास से मधुबनी शहरी क्षेत्र में चार नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों के निर्माण के लिए चार स्थानों पर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है. इन सभी स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.
नए पीएसएस का निर्माण बसुआड़ा, मेडिकल कॉलेज, लहेरियागंज और अहमद में किया जा रहा है.
चार नए पीएसएस से हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
विभाग के अनुसार बसुआड़ा पीएसएस से करीब 8 हजार, मेडिकल कॉलेज पीएसएस से 9 हजार, लहेरियागंज पीएसएस से 8 हजार और अहमद पीएसएस से करीब 7 हजार उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलने की संभावना है.
चारों दिशाओं में नए पावर सब-स्टेशन विकसित होने से शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का दबाव कम होगा. साथ ही स्थानीय स्तर पर बिजली से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का भी तेजी से समाधान किया जा सकेगा.
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